{"_id":"651f0fcbee6cb77c360c4055","slug":"call-letter-received-eight-days-after-completion-of-interview-process-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1008-10322-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के आठ दिन बाद मिला कॉल लेटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के आठ दिन बाद मिला कॉल लेटर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गलोड़ (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत मक्कड़ के गांव चकड़ाड निवासी जरनैल सिंह को प्रारंभिक शिक्षा विभाग में टीजीटी मेडिकल के लिए आयोजित साक्षात्कार का पत्र साक्षात्कार प्रक्रिया संपन्न होने के आठ दिन बाद मिला। इससे नौकरी के लिए आस लगाए जरनैल सिंह की उम्मीदें टूट गईं। जरनैल सिंह ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर की ओर से 26 सितंबर को उपनिदेशक कार्यालय में टीजीटी मेडिकल के 20 और नॉन मेडिकल के 19 पदों पर पूर्व सैनिकों के आश्रितों की बैचवाइज भर्ती के लिए साक्षात्कार लिए।
शिक्षा विभाग ने विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से 2003 तक बीएड उम्मीदवारों को ही साक्षात्कार के लिए मान्य कर रखा था, जबकि पत्र के माध्यम से 2004 में उत्तीर्ण बीएड को भी बुलावा पत्र भेजे गए। समाचार पत्र में दर्शाई गई योग्यता के चलते उम्मीदवार भ्रमित हो गए अन्यथा वे निर्धारित तारीख को साक्षात्कार स्थल पर पहुंच जाते। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर की ओर से उन्हें यह पत्र 19 सितंबर को डिस्पैच किया गया है लेकिन उन्हें यह पत्र साक्षात्कार के आठ दिन पूर्ण होने के बाद मिला है। उन्होंने कहा कि डाकघर विभाग की लेटलतीफी के चलते पिछले 19 साल से उन्होंने नौकरी की जो आस लगाई थी वह टूट गई। उन्होंने कहा कि इसके लिए डाक और शिक्षा विभाग दोनों ही जिम्मेदार हैं। कहीं न कहीं इनकी गलती से उन्हें और उसके परिवार को आघात लगा है। इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उप निदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हमने 18 और 19 सितंबर को पत्र डिस्पैच कर दिए हैं। अब इस बारे में डाक विभाग ही बता सकता है कि पत्र कैसे देरी से पहुंच।
(समाचार: बवीता चंदेल)
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से 2003 तक बीएड उम्मीदवारों को ही साक्षात्कार के लिए मान्य कर रखा था, जबकि पत्र के माध्यम से 2004 में उत्तीर्ण बीएड को भी बुलावा पत्र भेजे गए। समाचार पत्र में दर्शाई गई योग्यता के चलते उम्मीदवार भ्रमित हो गए अन्यथा वे निर्धारित तारीख को साक्षात्कार स्थल पर पहुंच जाते। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर की ओर से उन्हें यह पत्र 19 सितंबर को डिस्पैच किया गया है लेकिन उन्हें यह पत्र साक्षात्कार के आठ दिन पूर्ण होने के बाद मिला है। उन्होंने कहा कि डाकघर विभाग की लेटलतीफी के चलते पिछले 19 साल से उन्होंने नौकरी की जो आस लगाई थी वह टूट गई। उन्होंने कहा कि इसके लिए डाक और शिक्षा विभाग दोनों ही जिम्मेदार हैं। कहीं न कहीं इनकी गलती से उन्हें और उसके परिवार को आघात लगा है। इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उप निदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हमने 18 और 19 सितंबर को पत्र डिस्पैच कर दिए हैं। अब इस बारे में डाक विभाग ही बता सकता है कि पत्र कैसे देरी से पहुंच।
विज्ञापन
(समाचार: बवीता चंदेल)