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Hamirpur (Himachal) News: मरम्मत के बाद भी खराब हुई बायोमीट्रिक मशीनें
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हमीरपुर। जिलेभर के 348 स्कूलों में स्थापित बायोमीट्रिक मशीनों में से 160 मरम्मत के बाद फिर खराब हो गई हैं। इससे स्कूल प्रमुखों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नेटवर्क, डाटा अपडेट, बैटरी आदि की मरम्मत करवाने के बाद भी मशीनें ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं। इससे शिक्षकों को हाजिरी लगाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। शिक्षकों को स्कूल में बायोमीट्रिक मशीनों के होते हुए भी मैनुअल तरीके से रजिस्टर पर हाजिरी लगानी पड़ रही है।
प्राथमिक शिक्षा संघ के प्रधान नरेश शर्मा, अशोक पठानिया, जीवन कुमार, वरुण ठाकुर, प्रवीण कुमार, विरेंद्र कुमार, ईशा कुमारी, प्रिया ठाकुर आदि ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है। लेकिन, खराब मशीनों की मरम्मत करवाने के बाद भी हाजिरी लगाने में 10 मिनट से एक घंटे तक का समय लग रहा है। ऐसे में शिक्षकों को मशीनों की मरम्मत करवाने के लिए बार-बार इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं इनकी मरम्मत करवाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की बजट राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई है। ऐसे में शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च करके मशीनों की मरम्मत करवानी पड़ रही है। उन्होंने समस्या का समाधान करवाने की मांग की है। इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि अधिकांश स्कूलों में खराब मशीनों की मरम्मत करवाई जा चुकी है। वहीं, जिन स्कूलों में मरम्मत होने के बाद भी मशीनों खराब पड़ी हुई हैं, उनमें मेकेनिक भेजकर मरम्मत करवा दी जाएगी, ताकि स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाई जा सके।
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प्राथमिक शिक्षा संघ के प्रधान नरेश शर्मा, अशोक पठानिया, जीवन कुमार, वरुण ठाकुर, प्रवीण कुमार, विरेंद्र कुमार, ईशा कुमारी, प्रिया ठाकुर आदि ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है। लेकिन, खराब मशीनों की मरम्मत करवाने के बाद भी हाजिरी लगाने में 10 मिनट से एक घंटे तक का समय लग रहा है। ऐसे में शिक्षकों को मशीनों की मरम्मत करवाने के लिए बार-बार इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं इनकी मरम्मत करवाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की बजट राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई है। ऐसे में शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च करके मशीनों की मरम्मत करवानी पड़ रही है। उन्होंने समस्या का समाधान करवाने की मांग की है। इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि अधिकांश स्कूलों में खराब मशीनों की मरम्मत करवाई जा चुकी है। वहीं, जिन स्कूलों में मरम्मत होने के बाद भी मशीनों खराब पड़ी हुई हैं, उनमें मेकेनिक भेजकर मरम्मत करवा दी जाएगी, ताकि स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाई जा सके।
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