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पहली बरसात और जिला कंट्रोल रूम का नंबर खराब
Updated Thu, 28 Jun 2018 11:00 PM IST
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हमीरपुर। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के बरसात को लेकर किए गए प्रबंधों की पोल पहली ही बारिश में खुल गई। जिला मुख्यालय में प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए स्थापित कंट्रोल रूम का टोल फ्री एवं कॉमन सर्विस नंबर 1077 बीते दो दिनों से बंद रहा। मूसलाधार बरसात के कारण नादौन के पंचवटी में एक सामान से लदा कैंटर नेशनल हाईवे पलटा गया, जिससे काफी देर तक जाम लगा रहा। वहीं हमीरपुर जिला मुख्यालय से सटे नेशनल हाइवे बाईपास के तहत गांव लाहड़ में एक तेज रफ्तार कार एनएच किनारे खड़े से ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
जिलाभर में बुधवार शाम से जारी मूसलाधार बारिश से जन जीवन प्रभावित रहा। बारिश के कारण तापमान में कमी आई है। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। वहीं मक्की की फसल समेत सब्जियों के लिए भी बारिश संजीवनी साबित हुई है। हालांकि जिला में बारिश से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। लेकिन मूसलाधार बारिश के बाद लोकनिर्माण विभाग की पोल खुल गई है, क्योंकि जिला की कई सड़कों किनारे बनी निकासी नालियां ब्लॉक होने के कारण बारिश का सारा पानी सड़कों पर इकट्ठा हो गया। सड़कें तालाब में तबदील हो गईं।
हमीरपुर-गलोड़ मुख्य सड़क मार्ग पर गांव नारा में तो पानी के कारण सड़क नजर ही नहीं आ रही थी। इस कारण वाहन चालकों सहित राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसा ही हाल, अस्पताल परिसर के प्रवेश पर रहा। जहां पर एंबुलेंस खड़ी करने वाले स्थान पर पानी जमा रहा। लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला के संपर्क मांर्गों किनारे बनाई गई नालियों की उचित सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा रहा। वहीं मौसम की पहली बारिश के बाद किसानों के चेहरों से गायब हुई रौनक अब लौट आई है। मक्की की बिजाई के बाद लंबे अंतराल से बारिश न होने के कारण किसानों के चेहरे मायूस हो गए थे, लेकिन इस बारिश से किसनों के चेहरे चहक उठे हैं। इसके अलावा बारिश के कारण लोग छाता और बरसाती लेकर ही घर से निकले। वहीं उपमंडल नादौन के तहत आते रंगस फीडर के कुछेक गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालांकि जिला प्रशासन ने टोल फ्री नंबर के खराब होने और अन्य वैकल्पिक नंबर की बात कही। आपदा प्रबंधन जागरूकता शिविरों में लोगों को खासकर टोल फ्री नंबर की ही जानकारी दी जाती रही है। उधर, उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा का कहना है कि ट्रोल फ्री नंबर तकनीकी खराबी के कारण बंद है। अन्य वैकल्पिक नंबर 01972-221277, 221877 व 221477 चालू हैं।
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जिलाभर में बुधवार शाम से जारी मूसलाधार बारिश से जन जीवन प्रभावित रहा। बारिश के कारण तापमान में कमी आई है। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। वहीं मक्की की फसल समेत सब्जियों के लिए भी बारिश संजीवनी साबित हुई है। हालांकि जिला में बारिश से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। लेकिन मूसलाधार बारिश के बाद लोकनिर्माण विभाग की पोल खुल गई है, क्योंकि जिला की कई सड़कों किनारे बनी निकासी नालियां ब्लॉक होने के कारण बारिश का सारा पानी सड़कों पर इकट्ठा हो गया। सड़कें तालाब में तबदील हो गईं।
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हमीरपुर-गलोड़ मुख्य सड़क मार्ग पर गांव नारा में तो पानी के कारण सड़क नजर ही नहीं आ रही थी। इस कारण वाहन चालकों सहित राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसा ही हाल, अस्पताल परिसर के प्रवेश पर रहा। जहां पर एंबुलेंस खड़ी करने वाले स्थान पर पानी जमा रहा। लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला के संपर्क मांर्गों किनारे बनाई गई नालियों की उचित सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा रहा। वहीं मौसम की पहली बारिश के बाद किसानों के चेहरों से गायब हुई रौनक अब लौट आई है। मक्की की बिजाई के बाद लंबे अंतराल से बारिश न होने के कारण किसानों के चेहरे मायूस हो गए थे, लेकिन इस बारिश से किसनों के चेहरे चहक उठे हैं। इसके अलावा बारिश के कारण लोग छाता और बरसाती लेकर ही घर से निकले। वहीं उपमंडल नादौन के तहत आते रंगस फीडर के कुछेक गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालांकि जिला प्रशासन ने टोल फ्री नंबर के खराब होने और अन्य वैकल्पिक नंबर की बात कही। आपदा प्रबंधन जागरूकता शिविरों में लोगों को खासकर टोल फ्री नंबर की ही जानकारी दी जाती रही है। उधर, उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा का कहना है कि ट्रोल फ्री नंबर तकनीकी खराबी के कारण बंद है। अन्य वैकल्पिक नंबर 01972-221277, 221877 व 221477 चालू हैं।
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