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शुष्क ठंड ने बढ़ाई सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:28 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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हमीरपुर। जिला हमीरपुर शुष्क ठंड की चपेट में आ गया है। सुबह शाम शुष्क ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जिला अस्पताल व अन्य उपमंडलीय अस्पतालों में भी सर्दी जुकाम व दमा के मरीजों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि गर्मियों के मुकाबले ओपीडी में कमी हुई है, लेकिन सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या अधिक दर्ज की जा रही है।
अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो शुष्क ठंड दमा के मरीजों के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। बारिश न होने से धूल, मिट्टी इन रोगियों के लिए घातक है। शुष्क ठंड होने व धूल आदि के संपर्क में आने पर इन मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें होती है। जिससे हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए शुष्क ठंड नुकसानदेय है। अधिक ठंड होने से रक्त वाहनियां संकुचित होने लगती है। ऐसे में संकुचित वाहनियों पर अधिक दबाव पड़ता है। जिसकी वजह से रक्तचाप बढ़ जाता है। ऐसे में अनहोनी होने की आशंका बढ़ जाती है।
ये बरतें सावधानी
क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर के चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा का कहना है कि दमा के रोगियों को धूल आदि से दूर रहना चाहिए। धूल मिट्टी से इन रोगियों को सांस लेने में दिक्कत होती है। सर्दी जुकाम वाले रोगियों को गर्म वस्त्र पहनने चाहिए। जिससे शुष्क ठंड से बचा जा सके। इसके साथ ही उच्च रक्तचाप रोगियों को भी अपना ध्यान रखना चाहिए। इन्हें खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खाने में दालों व सब्जियों का अधिक इस्तेमाल करें। तेलयुक्त चीजों का प्रयोग न करें। इसके साथ ही शराब व धूम्रपान पूरी तरह से त्याग दें। जिससे की रक्त का बहाव सही रहे।
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अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो शुष्क ठंड दमा के मरीजों के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। बारिश न होने से धूल, मिट्टी इन रोगियों के लिए घातक है। शुष्क ठंड होने व धूल आदि के संपर्क में आने पर इन मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें होती है। जिससे हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए शुष्क ठंड नुकसानदेय है। अधिक ठंड होने से रक्त वाहनियां संकुचित होने लगती है। ऐसे में संकुचित वाहनियों पर अधिक दबाव पड़ता है। जिसकी वजह से रक्तचाप बढ़ जाता है। ऐसे में अनहोनी होने की आशंका बढ़ जाती है।
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ये बरतें सावधानी
क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर के चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा का कहना है कि दमा के रोगियों को धूल आदि से दूर रहना चाहिए। धूल मिट्टी से इन रोगियों को सांस लेने में दिक्कत होती है। सर्दी जुकाम वाले रोगियों को गर्म वस्त्र पहनने चाहिए। जिससे शुष्क ठंड से बचा जा सके। इसके साथ ही उच्च रक्तचाप रोगियों को भी अपना ध्यान रखना चाहिए। इन्हें खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खाने में दालों व सब्जियों का अधिक इस्तेमाल करें। तेलयुक्त चीजों का प्रयोग न करें। इसके साथ ही शराब व धूम्रपान पूरी तरह से त्याग दें। जिससे की रक्त का बहाव सही रहे।
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