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शर्तों पर खरा उतरा मेडिकल कॉलेज लेकिन सुधार की अभी भी जरूरत

Fri, 20 Apr 2018 10:56 PM IST
Updated Fri, 20 Apr 2018 10:56 PM IST
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हमीरपुर। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर का दौरा किया। दो साल में तीसरी मर्तबा निरीक्षण के लिए हमीरपुर पहुंची एमसीआई की टीम इस बार स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार के प्रबंधों से काफी संतुष्ट दिखी। एमसीआई के सदस्य डॉ. वीएस शाह ने कहा कि इस बार मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में नियमों के तहत अधिकतर जरूरतें एवं प्रबंधन है, लेकिन सुधार की अभी भी बहुत आवश्यकता है।
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एमसीआई ने शुक्रवार को क्षेत्रीय अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, चिल्ड्रन, आईसीयू, इमरजेंसी वार्ड, क्लासरूम, फैकल्टी के लिए आवासीय सुविधा आदि जांची। इसके बाद कॉलेज फैकल्टी स्टाफ की जानकारी हासिल की। टीम ने बारी-बारी कर मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, आर्थो आदि विभागों की फैकल्टी को बुलाकर कई सवाल पूछे। बता दें कि मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिले दो वर्ष बीते चुके हैं, लेकिन अभी तक यहां कॉलेज कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। नाहन और चंबा जिला में बीते साल से मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं शुरू हैं। शुक्रवार को एमसीआई ने तीसरी बार हमीरपुर का दौरा कर मेडिकल कॉलेज शुरू होने के लिए हरी झंडी प्रदान कर दी है। डॉ. रवींद्र नाथ शाह और डॉ. खुर्शीद आलम ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर ली है, जो कि शीघ्र काउंसिल को दी जाएगी। जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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चिकित्सा अधीक्षक की कुर्सी को लेकर जंग शुरू
एमसीआई की टीम ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज को लेकर अस्पताल का दौरा किया। इस मौके पर एमसीआई के सामने 85 फैकल्टी मेंबर व चिकित्सकों समेत अन्य जानकारी टेबल पर रखी गई। लेकिन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की कुर्सी को लेकर कई सवाल उठे। क्षेत्रीय अस्पताल के समय से अभी तक हमीरपुर अस्पताल में एमएस डॉ. अर्चना सोनी हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार वर्मा को एमएस नियुक्त किया है। एमएस समेत ही शेष 85 फैकल्टी को मेडिकल कॉलेज से वेतन मिल रहा है। एमसीआई के नियमों के तहत एमएस की कुर्सी पर पोस्ट ग्रेजुएट या विशेषज्ञ का होना अनिवार्य है। वहीं पूरे अस्पताल के वार्डों में आई सीलन के कारण उखड़े प्लास्टर व रंगरोगन को भी ठीक करने के निर्देश एमसीआई ने दिए हैं।
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उधर, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. विक्रम महाजन ने माना कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में दो चिकित्सा अधीक्षक हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
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