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बड़सर के अस्पतालों में एक साल से नहीं कोई लैब तकनीशियन
Updated Wed, 08 Nov 2017 10:51 PM IST
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बड़सर(हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के सरकारी अस्पतालों में एक साल से लैब तकनीशियन के सभी पद खाली हैं। उपमंडल के तहत छह अस्पतालों में से मात्र दो अस्पतालों में लैब तकनीशियन उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें भी आउटसोर्स पर रखा गया है। जिससे अस्पतालों में मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों ने अस्पतालों में लैब तकनीशियन के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की है।
उपमंडल के तहत बड़सर, बिझड़ी, बड़ा ग्रां, चकमोह, ननावां तथा भोटा अस्पताल में लैब तकनीशियन के पद काफी समय से रिक्त हैं। पिछले वर्ष बिझड़ी अस्पताल से सीनियर लैब तकनीशियन का तबादला हो गया। इसके बाद से उपमंडल के सभी अस्पतालों में लैब तकनीशियन के सभी पद रिक्त हो गए। हालांकि बड़सर व भोटा अस्पताल में आउटसोर्स पर दो कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन शेष अस्पतालों लैब टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बड़सर व भोटा अस्पताल में भी मरीजों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही हैं। सरकार ने अस्पतालों की लैब में गर्भवती महिलाओं के मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई है, लेकिन लैब तकनीशियन के बिना मुफ्त जांच सुविधा के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल से मलेरिया व अन्य टेस्ट जांच की रिपोर्ट भेजी जानी होती है। जब अस्पतालों में लैब तकनीशियन ही नहीं है तो जांच रिपोर्ट या उसकी सत्यता पर सवाल उठ सकते हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पतालों में लैब तकनीशियनों के पदों को भरने की मांग की है। उधर, बीएमओ बड़सर एचआर कालिया का कहना है कि लैब तकनीशियन के रिक्त पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। उन्होंने कहा कि बड़सर व भोटा में आउटसोर्स के कर्मचारी से काम चलाया जा रहा है।
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उपमंडल के तहत बड़सर, बिझड़ी, बड़ा ग्रां, चकमोह, ननावां तथा भोटा अस्पताल में लैब तकनीशियन के पद काफी समय से रिक्त हैं। पिछले वर्ष बिझड़ी अस्पताल से सीनियर लैब तकनीशियन का तबादला हो गया। इसके बाद से उपमंडल के सभी अस्पतालों में लैब तकनीशियन के सभी पद रिक्त हो गए। हालांकि बड़सर व भोटा अस्पताल में आउटसोर्स पर दो कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन शेष अस्पतालों लैब टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बड़सर व भोटा अस्पताल में भी मरीजों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही हैं। सरकार ने अस्पतालों की लैब में गर्भवती महिलाओं के मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई है, लेकिन लैब तकनीशियन के बिना मुफ्त जांच सुविधा के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल से मलेरिया व अन्य टेस्ट जांच की रिपोर्ट भेजी जानी होती है। जब अस्पतालों में लैब तकनीशियन ही नहीं है तो जांच रिपोर्ट या उसकी सत्यता पर सवाल उठ सकते हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पतालों में लैब तकनीशियनों के पदों को भरने की मांग की है। उधर, बीएमओ बड़सर एचआर कालिया का कहना है कि लैब तकनीशियन के रिक्त पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। उन्होंने कहा कि बड़सर व भोटा में आउटसोर्स के कर्मचारी से काम चलाया जा रहा है।
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