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मेडिकल कॉलेज के साथ अटैच होंगे टौणीदेवी और भोटा अस्पताल
Updated Wed, 22 Nov 2017 10:52 PM IST
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के लिए सिविल अस्पताल टौणीदेवी और भोटा अस्पताल दोनों अटैच होंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने दो दिवसीय दौरे के दौरान इन दोनों अस्पतालों का दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में ओपीडी और आईपीडी, लैबोरेटरी, क्लासरूम, लेक्चर हाल और मेडिकल कॉलेज के कार्यालय समेत एमडब्ल्यू विभाग के भवन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान एमसीआई ने आपातकालीन वार्ड में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा भी लिया।
एमसीआई की टीम में आईजीएमसी नागपुर से कोआर्डिनेटर डॉ. एमपी प्रचंड, राजकीय एलोपैथी राजकीय महाविद्यालय फैजाबाद से डॉ. सत्यजीत वर्मा और कर्नाटक से डॉ. युवराज शामिल रहे। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के दिल्ली में विभागीय दौरे पर होने के चलते क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर के एसएमओ डॉ. रमेश चौहान ने एमसीआई टीम को जरूरी दस्तावेज मुहैया करवाए और विभिन्न जगहों का निरीक्षण करवाया। डॉ. रमेश चौहान ने बताया कि एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को अस्थायी तौर पर शुरू करने के लिए पांच वर्ष की अवधि होती है। स्थायी संबद्धता के लिए पांच वर्ष में कमियों को दूर करना होता है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज अगले वर्ष अगस्त से शुरू हो जाएगा।
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एमसीआई की टीम में आईजीएमसी नागपुर से कोआर्डिनेटर डॉ. एमपी प्रचंड, राजकीय एलोपैथी राजकीय महाविद्यालय फैजाबाद से डॉ. सत्यजीत वर्मा और कर्नाटक से डॉ. युवराज शामिल रहे। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के दिल्ली में विभागीय दौरे पर होने के चलते क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर के एसएमओ डॉ. रमेश चौहान ने एमसीआई टीम को जरूरी दस्तावेज मुहैया करवाए और विभिन्न जगहों का निरीक्षण करवाया। डॉ. रमेश चौहान ने बताया कि एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को अस्थायी तौर पर शुरू करने के लिए पांच वर्ष की अवधि होती है। स्थायी संबद्धता के लिए पांच वर्ष में कमियों को दूर करना होता है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज अगले वर्ष अगस्त से शुरू हो जाएगा।
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