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केंद्र सरकार के खिलाफ हमीरपुर में गरजे सीटू कार्यकर्ता और मजदूर
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:02 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर। सीटू के बैनर तले हमीरपुर के सैकड़ों मजदूरों ने शुक्रवार को बीडीओ कार्यालय हमीरपुर में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इससे पूर्व मजदूरों ने तहसील कार्यालय से लेकर गांधी चौक तक विरोध रैली भी निकाली। सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से मनरेगा बजट में कटौती के खिलाफ मनरेगा और निर्माण मजदूरों ने बीडीओ कार्यालय हमीरपुर के बाहर प्रदर्शन किया। 14वें वित्तायोग और अन्य कार्य ठेके पर देने के विरोध एवं मजदूरों को न्यूनतम वेतन न देने के खिलाफ यह प्रदर्शन किया गया। सीटू के जिला सचिव जोगिंद्र कुमार और ब्लॉक सचिव रंजन शर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकाल में मनरेगा के तहत मजदूरों को काम नहीं मिल रहा।
मनरेगा के बजट को ठेकेदारी के माध्यम से खर्च किया जा रहा है। मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा। कुछ पंचायतों में तो 20 और 40 रुपये तक दिहाड़ी दी जा रही है। सीटू ने मांग की है कि मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम दिहाड़ी 184 रुपये दी जाए। पंचायतों में मनरेगा और अन्य कार्यों में ठेका प्रथा बंद की जाए। जहां ठेका प्रथा चल रही है, वहां पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस प्रदर्शन में मजदूरों ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने खंड विकास अधिकारी हमीरपुर से मांग की है कि मजदूरों को काम मांगने पर रसीद देने के लिखित आदेश जारी किए जाएं। इसके साथ ही ठेका प्रथा बंद करने की मांग की गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सीटू प्रताप राणा, डीवाईएफआई प्रदेशाध्यक्ष अनिल मनकोटिया, जिला संयुक्त सचिव सीटू सुरेश राठौर, विवेक राणा सहित अन्य मौजूद रहे।
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मनरेगा के बजट को ठेकेदारी के माध्यम से खर्च किया जा रहा है। मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा। कुछ पंचायतों में तो 20 और 40 रुपये तक दिहाड़ी दी जा रही है। सीटू ने मांग की है कि मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम दिहाड़ी 184 रुपये दी जाए। पंचायतों में मनरेगा और अन्य कार्यों में ठेका प्रथा बंद की जाए। जहां ठेका प्रथा चल रही है, वहां पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस प्रदर्शन में मजदूरों ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने खंड विकास अधिकारी हमीरपुर से मांग की है कि मजदूरों को काम मांगने पर रसीद देने के लिखित आदेश जारी किए जाएं। इसके साथ ही ठेका प्रथा बंद करने की मांग की गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सीटू प्रताप राणा, डीवाईएफआई प्रदेशाध्यक्ष अनिल मनकोटिया, जिला संयुक्त सचिव सीटू सुरेश राठौर, विवेक राणा सहित अन्य मौजूद रहे।
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