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हमीरपुर में नौ दुकानों पर चला पीला पंजा
Updated Wed, 16 May 2018 11:07 PM IST
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय के तहत भोटा चौैक पर बुधवार को प्रशासन ने एक मलकीयत भूमि पर किए गए कब्जे को हटाया है। प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए यह कार्रवाई की है। इस दौरान तहसीलदार, कानूनगो और थाना प्रभारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी से इस कब्जे को हटा दिया है। मलकीयत भूमि पर बनी करीब नौ दुकानों को जेसीबी मशीन की सहायता से तोड़ा गया।
पिछले तीस सालों से इस भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस चला हुआ था। भोटा चौक निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी मलकीयत भूमि पर एक व्यक्ति ने नाजायज कब्जा कर रखा था। उनसे कब्जा छोड़ने की कई बार गुजारिश की गई। लेकिन संबंधित व्यक्ति कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय में केस किया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने पीड़ित जमीन के मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राजस्व विभाग को आदेश दिए कि वह जमीन मालिक को भूमि पर कब्जा दिलवाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लेते हुए दूसरी पार्टी द्वारा जमीन पर किए गए कब्जे को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को पालन करते हुए जिला प्रशासन ने भी मंगलवार को इस कब्जे को हटा दिया। इस संबंध में तहसीलदार मित्रदेव मोहटल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद मलकीयत भूमि से कब्जे को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीस सालों से सुप्रीम कोर्ट में यह केस चला हुआ था।
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पिछले तीस सालों से इस भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस चला हुआ था। भोटा चौक निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी मलकीयत भूमि पर एक व्यक्ति ने नाजायज कब्जा कर रखा था। उनसे कब्जा छोड़ने की कई बार गुजारिश की गई। लेकिन संबंधित व्यक्ति कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय में केस किया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने पीड़ित जमीन के मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राजस्व विभाग को आदेश दिए कि वह जमीन मालिक को भूमि पर कब्जा दिलवाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लेते हुए दूसरी पार्टी द्वारा जमीन पर किए गए कब्जे को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को पालन करते हुए जिला प्रशासन ने भी मंगलवार को इस कब्जे को हटा दिया। इस संबंध में तहसीलदार मित्रदेव मोहटल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद मलकीयत भूमि से कब्जे को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीस सालों से सुप्रीम कोर्ट में यह केस चला हुआ था।
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