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एनएमसी बिल के विरोध चिकित्सकों का प्रदर्शन
Updated Tue, 06 Feb 2018 11:05 PM IST
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हमीरपुर। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के बदले नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के गठन के विरोध में क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर के चिकित्सकों ने मंगलवार को मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। चिकित्सकों के देशव्यापी विरोध का असर हमीरपुर में भी देखने को मिला। हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के सदस्यों ने महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के नेतृत्व में मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। डॉ. पुष्पेंद्र चिकित्सकों के संगठन एआईएफजीडीए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल में एमसीआई को हटा कर नए संगठन की स्थापना का प्रावधान है।
साथ ही यह होम्योपैथी व आयुर्वेदिक डॉक्टरों को ब्रिज कोर्स कर एलोपैथी प्रैक्टिस की इजाजत देगा। इस नए बिल का डॉक्टर विरोध कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि एनएमसी बिल से मेडिकल प्रोफेशनल का काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्हें हर बात में ब्यूरोक्रेसी और गैर मेडिकल प्रशासन को जवाब देना होगा। डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के अनुसार एनएमसी बिल आयुष डॉक्टरों को भी मॉडर्न मेडिसन की प्रैक्टिस की इजाजत देगा। बिल के तहत ब्रिज कोर्स उन्हें ऐसा करने की इजाजत देगा। इससे झोलाछाप डाक्टरों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे डॉक्टरों की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों के लिए घातक परिणाम सामने आ सकते हैं।
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साथ ही यह होम्योपैथी व आयुर्वेदिक डॉक्टरों को ब्रिज कोर्स कर एलोपैथी प्रैक्टिस की इजाजत देगा। इस नए बिल का डॉक्टर विरोध कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि एनएमसी बिल से मेडिकल प्रोफेशनल का काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्हें हर बात में ब्यूरोक्रेसी और गैर मेडिकल प्रशासन को जवाब देना होगा। डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के अनुसार एनएमसी बिल आयुष डॉक्टरों को भी मॉडर्न मेडिसन की प्रैक्टिस की इजाजत देगा। बिल के तहत ब्रिज कोर्स उन्हें ऐसा करने की इजाजत देगा। इससे झोलाछाप डाक्टरों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे डॉक्टरों की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों के लिए घातक परिणाम सामने आ सकते हैं।
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