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बिलासपुर से हमीरपुर की सीमा में घुस आए जम्मू-कश्मीर के 24 चरानी
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गारली (हमीरपुर)। जिला बिलासपुर से हमीरपुर के बड़सर बार्डर को लांघते हुए मंगलवार को अचानक जम्मू-कश्मीर के 24 विशेष समुदाय के लोग ग्राम पंचायत धंगोटा पहुंच गए। सूचना मिलते ही प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ व स्वास्थ्य जांच कर सभी को वापस भेजा। मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे 24 मुस्लिम लोग एक साथ धंगोटा पहुंच गए। गांववासियों ने सभी बाहरी राज्य के लोगों को रोककर प्रशासन को इसकी जानकारी दी। चौकी इंचार्ज बिझड़ी पूर्ण भगत, स्वास्थ्य विभाग व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। पता चला कि सभी मुस्लिम समुदाय के लोग जिला बिलासपुर के पंडयाली में खैर कटान का काम करते हैं और वहां से सुबह चार बजे घर के लिए पठानकोट की ओर चले थे।
यह भी पता चला कि सभी ऊना जाना चाहते थे। लेकिन, रास्ता भटक कर धंगोटा पहुंच गए। हालांकि, स्वास्थ्य जांच में पाया गया कि इनमें से आधा दर्जन लोगों को बुखार था। एक व्यक्ति की उम्र लगभग 50 वर्ष थी, बाकी सभी की उम्र 20 से 40 थी। बड़सर प्रशासन ने घुमारवीं में बात कर वहां के प्रशासन को इसकी जानकारी दी। बिलासपुर प्रशासन की टीम मौके पर आकर सभी को वहां से वापस ले गई। सवाल यहां यह है कि इतनी सिक्योरिटी के बावजूद 24 व्यक्ति एक साथ बड़सर बार्डर पर कैसे घुस गए। यदि खड्ड या जंगल होकर आए तो भी प्रशासन इनको पकड़ क्यों नहीं पाया। इससे पहले 7 अप्रैल को भी 3 मुस्लिम समुदाय के लोग करलोटी छत्त घुमारवीं से बड़सर सीमा के घोड़ीधवीरी में पहुंच गए थे। उस समय भी ठेकेदार को बुलाकर उन तीनों को वापस भेजा था। लॉकडाउन के दौरान मात्र 14 दिन में बड़सर सीमा में घुसने की यह दूसरी घटना है। इस संदर्भ में डीएसपी बड़सर जसवीर ठाकुर ने बताया कि 24 चरानी बड़सर सीमा के धंगोटा में रास्ता भटक कर पहुंच गए थे। सभी की स्वास्थ्य जांच कर बिलासपुर प्रशासन के संपर्क साधकर उन्हें वापस भेज दिया गया है।
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यह भी पता चला कि सभी ऊना जाना चाहते थे। लेकिन, रास्ता भटक कर धंगोटा पहुंच गए। हालांकि, स्वास्थ्य जांच में पाया गया कि इनमें से आधा दर्जन लोगों को बुखार था। एक व्यक्ति की उम्र लगभग 50 वर्ष थी, बाकी सभी की उम्र 20 से 40 थी। बड़सर प्रशासन ने घुमारवीं में बात कर वहां के प्रशासन को इसकी जानकारी दी। बिलासपुर प्रशासन की टीम मौके पर आकर सभी को वहां से वापस ले गई। सवाल यहां यह है कि इतनी सिक्योरिटी के बावजूद 24 व्यक्ति एक साथ बड़सर बार्डर पर कैसे घुस गए। यदि खड्ड या जंगल होकर आए तो भी प्रशासन इनको पकड़ क्यों नहीं पाया। इससे पहले 7 अप्रैल को भी 3 मुस्लिम समुदाय के लोग करलोटी छत्त घुमारवीं से बड़सर सीमा के घोड़ीधवीरी में पहुंच गए थे। उस समय भी ठेकेदार को बुलाकर उन तीनों को वापस भेजा था। लॉकडाउन के दौरान मात्र 14 दिन में बड़सर सीमा में घुसने की यह दूसरी घटना है। इस संदर्भ में डीएसपी बड़सर जसवीर ठाकुर ने बताया कि 24 चरानी बड़सर सीमा के धंगोटा में रास्ता भटक कर पहुंच गए थे। सभी की स्वास्थ्य जांच कर बिलासपुर प्रशासन के संपर्क साधकर उन्हें वापस भेज दिया गया है।
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