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मांगे न मामने पर अब रैली निकालकर प्रदर्शन करेगा संघ
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हमीरपुर। प्रदेश भारतीय मजदूर संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की एनजीओ भवन हमीरपुर में आयोजित तीन दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हो गई। बैठक में प्रदेश भारतीय मजदूर संघ के सभी पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य, सचिव और प्रदेश महासंघों के महासचिव उपस्थित रहे। अखिल भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय सह प्रभारी जगदीश जोशी, प्रांत अध्यक्ष राकेश शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष डीसी शर्मा और महामंत्री मंगत राम नेगी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के बारे में चर्चा की गई। महामंत्री मंगत राम ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर संघ ने जुलाई 2018 में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अपना 26 सूत्रीय मांग पत्र दिया गया था लेकिन, इस मांग पत्र के बाद कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
मुख्यमंत्री ने उन्हें एक बार भी वार्ता के लिए नहीं बुलाया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब 20 जनवरी से लेकर 10 फरवरी तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें सभी जिलाधीश के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके साथ ही सरकार के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरा जाएगा। संघ ने मांग उठाई है कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। इसके साथ आशा वर्कर्स और मिड-डे मील को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये देेने, आउटसोर्स और ठेका प्रथा को बंद करने, पुरानी स्कीम को बहाल करने, सभी बोर्ड, निगम और अन्य सरकारी विभागों के कर्मियों को 4-9-14 ग्रेड पे लाभ देने आदि मांगें उठाई हैं। संघ ने कहा कि वर्तमान सरकार में उनका अपमान हुआ है।
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मुख्यमंत्री ने उन्हें एक बार भी वार्ता के लिए नहीं बुलाया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब 20 जनवरी से लेकर 10 फरवरी तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें सभी जिलाधीश के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके साथ ही सरकार के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरा जाएगा। संघ ने मांग उठाई है कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। इसके साथ आशा वर्कर्स और मिड-डे मील को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये देेने, आउटसोर्स और ठेका प्रथा को बंद करने, पुरानी स्कीम को बहाल करने, सभी बोर्ड, निगम और अन्य सरकारी विभागों के कर्मियों को 4-9-14 ग्रेड पे लाभ देने आदि मांगें उठाई हैं। संघ ने कहा कि वर्तमान सरकार में उनका अपमान हुआ है।
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