{"_id":"5ab7d50d4f1c1bc1758b75eb","slug":"181521997069-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"14वें वितायोग में नए निर्माण कार्य पर हो सकेगा उपयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
14वें वितायोग में नए निर्माण कार्य पर हो सकेगा उपयोग
Updated Sun, 25 Mar 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़सर(हमीरपुर)। प्रदेश की पंचायतों में 14वें वित्तायोग के तहत प्राप्त अनुदान को नए निर्माण कार्य पर उपयोग किया जा सकेगा। पंचायती राज विभाग ने पंचायतों को 14वें वित्तायोग के अंतर्गत प्राप्त अनुदान के उपयोग के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले अनुदान राशि को सिर्फ मरम्मत कार्य पर खर्च करने का प्रावधान था। पंचायतों में अप्रैल को होने वाली ग्रामसभा की बैठकों में वार्षिक योजनाएं निर्धारित प्रतिशतता के अनुसार तैयार की जाएंगी। पंचायतों को उपदान राशि को निर्धारित प्रतिशतता को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता, सफाई प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव व निर्माण से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
तरल एवं ठोस कचरा के निपटान एवं निकास, सीवरेज प्रबंधन तथा गंदे जल निकासी कूड़ा कर्कट के निपटान एवं साफ सफाई की उचित व्यवस्था पर 25 प्रतिशत, पेयजल व्यवस्था पर 15 प्रतिशत, स्ट्रीट लाइटों के उचित प्रबंधन व रखरखाव पर 10 प्रतिशत, सड़कों व फुटपाथ का रखरखाव व निर्माण पर राशि खर्च होगी। श्मशानघाट व कब्रिस्तान का रखरखाव व प्रबंधन तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण व रखरखाव पर 30 प्रतिशत, तकनीकी व प्रशासनिक सहयोग पर 10 प्रतिशत तथा अन्य मूल सुविधाओं पर 10 प्रतिशत व्यय करने का प्रावधान किया गया है। इस अनुदान राशि को निधारित प्रतिशतता के अनुसार मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, पीएमकेएसवाई तथा अन्य विभाग की योजनाओं के साथ सम्मिलित किया जा सकता है।
बीडीओ बिझड़ी वलिंद्र जसवाल का कहना है कि 14वें वित्तायोग के प्राप्त अनुदान को नए निर्माण कार्य पर खर्च किया जा सकेगा। पंचायती राज विभाग ने निर्धारित प्रतिशतता के अनुसार व्यय करने के नए निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
तरल एवं ठोस कचरा के निपटान एवं निकास, सीवरेज प्रबंधन तथा गंदे जल निकासी कूड़ा कर्कट के निपटान एवं साफ सफाई की उचित व्यवस्था पर 25 प्रतिशत, पेयजल व्यवस्था पर 15 प्रतिशत, स्ट्रीट लाइटों के उचित प्रबंधन व रखरखाव पर 10 प्रतिशत, सड़कों व फुटपाथ का रखरखाव व निर्माण पर राशि खर्च होगी। श्मशानघाट व कब्रिस्तान का रखरखाव व प्रबंधन तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण व रखरखाव पर 30 प्रतिशत, तकनीकी व प्रशासनिक सहयोग पर 10 प्रतिशत तथा अन्य मूल सुविधाओं पर 10 प्रतिशत व्यय करने का प्रावधान किया गया है। इस अनुदान राशि को निधारित प्रतिशतता के अनुसार मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, पीएमकेएसवाई तथा अन्य विभाग की योजनाओं के साथ सम्मिलित किया जा सकता है।
विज्ञापन
बीडीओ बिझड़ी वलिंद्र जसवाल का कहना है कि 14वें वित्तायोग के प्राप्त अनुदान को नए निर्माण कार्य पर खर्च किया जा सकेगा। पंचायती राज विभाग ने निर्धारित प्रतिशतता के अनुसार व्यय करने के नए निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन