{"_id":"5bc4d1f1bdec2269685af9c7","slug":"161539625457-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम की चलती बस का रास्ते में पंक्चर हुआ टायर, हादसा टला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम की चलती बस का रास्ते में पंक्चर हुआ टायर, हादसा टला
Updated Mon, 15 Oct 2018 11:14 PM IST
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हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों की हालत खस्ता होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। प्रदेश में कई बार बसों में खराबी आने से कई बड़े हादसे हुए हैं तो कई बार चालकों की सूझबूझ से हादसे टले हैं। सोमवार सुबह हिमाचल पथ परिवहन निगम डिपो हमीरपुर की बडैहर से हमीरपुर चलने वाली बस का तरोपका गांव के पास अचानक टायर पंचर हो गया। चलती बस का टायर पंचर होने के कारण सवारियों को झटका लगा। हालांकि बस की गति कम थी अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। चालक ने बस को सड़क किनारे खड़ा कर निगम की हमीरपुर वर्कशॉप में इसकी सूचना दी।
यह घटना सुबह करीब सवा नौ बजे तरोपका गांव के पास हुई। वहीं निगम में चल रही कर्मचारियों की कमी के कारण समय पर टायर बदलने के लिए कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस कारण सवारियां उतर कर अन्य बसों और वाहनों में अपने गंतव्य तक पहुंची। इस कारण बस में सवार लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं सुबह का समय होने के कारण इस बस में अधिकतर कर्मचारी और छात्र ही होते हैं। छात्रों और कर्मचारियों को अपने संस्थानों में जाने को देरी हुई। निगम के पास कर्मचारियों की कमी के कारण दोपहर तक बस उसी स्थान पर खड़ी रही। इस संबंध में वर्कशॉप मैनेजर देशराज का कहना है कि सुबह सूचना मिली थी। कर्मचारियों की कमी के कारण चालक-परिचालक को ही मरम्मत करने को कहा गया लेकिन, उन्होंने बस खड़ी कर दी। बाद में कर्मचारी भेजकर बस की मरम्मत करवा दी गई।
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यह घटना सुबह करीब सवा नौ बजे तरोपका गांव के पास हुई। वहीं निगम में चल रही कर्मचारियों की कमी के कारण समय पर टायर बदलने के लिए कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस कारण सवारियां उतर कर अन्य बसों और वाहनों में अपने गंतव्य तक पहुंची। इस कारण बस में सवार लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं सुबह का समय होने के कारण इस बस में अधिकतर कर्मचारी और छात्र ही होते हैं। छात्रों और कर्मचारियों को अपने संस्थानों में जाने को देरी हुई। निगम के पास कर्मचारियों की कमी के कारण दोपहर तक बस उसी स्थान पर खड़ी रही। इस संबंध में वर्कशॉप मैनेजर देशराज का कहना है कि सुबह सूचना मिली थी। कर्मचारियों की कमी के कारण चालक-परिचालक को ही मरम्मत करने को कहा गया लेकिन, उन्होंने बस खड़ी कर दी। बाद में कर्मचारी भेजकर बस की मरम्मत करवा दी गई।
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