{"_id":"5cfd4af8bdec22070c092113","slug":"15601036644-hamirpur-hp-news182","type":"story","status":"publish","title_hn":"धिश्चिम देशों में दकिल के रोगों से मृत्यु हुई कम, भारत में तीन गुना बढ़ी: डा. अंकुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धिश्चिम देशों में दकिल के रोगों से मृत्यु हुई कम, भारत में तीन गुना बढ़ी: डा. अंकुर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। कार्डियक और न्यूरो संबंधी समस्याओं पर 40 से अधिक चिकित्सकों ने कंटीन्यूइंग मेडिकल एजूकेशन (सीएमई) में भाग लिया। इसका आयोजन आईवी अस्पताल मोहाली की ओर से आईएमएए हमीरपुर के सहयोग से किया गया। आईएमएए हमीरपुर के अध्यक्ष डॉ. एसके सोनी और सचिव डॉ. विशाल भंडारी, डॉ. प्रेम ठाकुर, डॉ. एन के गलोड़ा, डॉ. अभिषेक ठाकुर, डॉ. ललित कालिया और डॉ. दिनेश ठाकुर भी उपस्थित रहे।
हार्ट अटैक की पहचान और प्रबंधन पर सीएमई को संबोधित करते हुए आईवी अस्पताल मोहाली के निदेशक कार्डियोलॉजी डॉ. अंकुर आहुजा ने कहा कि सभी दिल के दौरे छाती के दर्द के साथ अचानक शुरू होते हैं। जिनके बारे में हम में से अधिकांश ने सुना है। वास्तव में कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं होता है, विशेष रूप से मधुमेह वाले लोगों को। हृदय रोग के मुख्य कारणों की वजह से हर वर्ष 17 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। पश्चिमी देशों में पिछले एक दशक में 50 फीसदी हृदय रोग से होने वाली मृत्यु दर को कम कर दिया है लेकिन, भारत में यह 3 गुना बढ़ गया है। डॉ. अंकुर ने लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए जोर दिया और फिट रहने की सलाह दी। न्यूरोलॉजिस्ट डा. सुशील कुमार राही ने जीवन को बचाने के लिए स्ट्रोक के प्रबंधन के बारे में बात की।
विज्ञापन
हार्ट अटैक की पहचान और प्रबंधन पर सीएमई को संबोधित करते हुए आईवी अस्पताल मोहाली के निदेशक कार्डियोलॉजी डॉ. अंकुर आहुजा ने कहा कि सभी दिल के दौरे छाती के दर्द के साथ अचानक शुरू होते हैं। जिनके बारे में हम में से अधिकांश ने सुना है। वास्तव में कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं होता है, विशेष रूप से मधुमेह वाले लोगों को। हृदय रोग के मुख्य कारणों की वजह से हर वर्ष 17 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। पश्चिमी देशों में पिछले एक दशक में 50 फीसदी हृदय रोग से होने वाली मृत्यु दर को कम कर दिया है लेकिन, भारत में यह 3 गुना बढ़ गया है। डॉ. अंकुर ने लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए जोर दिया और फिट रहने की सलाह दी। न्यूरोलॉजिस्ट डा. सुशील कुमार राही ने जीवन को बचाने के लिए स्ट्रोक के प्रबंधन के बारे में बात की।
विज्ञापन