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चुनावों के नजदीक धर्मसभा महज बौखलाहट : सीपीआईएम
Updated Tue, 11 Dec 2018 10:27 PM IST
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हमीरपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की राज्य कमेटी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद की हमीरपुर में राम मंदिर बनाने को लेकर की गई सभा को भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद की घबराहट और राजनीतिक दिवालियापन बताया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्य सचिवालय समिति के सदस्य डा. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा साढ़े चार वर्षों से केंद्र में सत्ता में है और इन वर्षों में उन्हें राम मंदिर की याद नहीं आई। राम जन्मभूमि का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई वर्षों से चल रहा था। तब भी इन्हें राम मंदिर की याद नहीं आई। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और जनवरी 2019 में इसकी सुनवाई होनी है, अप्रैल 2019 में संसदीय चुनाव होने हैं।
चुनाव के नजदीक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा को राम मंदिर याद आ रहा है। जनता भाजपा का असली चेहरा पहचान चुकी है और मोदी सरकार को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर चुकी है। भाजपा के शासनकाल में दुकानदार, छोटे उद्योगपति भी दुखी हैं। सभा में साधु संतों को भाजपा व आरएसएस के लोगों ने राम मंदिर के बहाने इकट्ठा किया था। भाजपा के नेताओं को कम्युनिस्टों से इसलिए समस्या है, क्योंकि पार्टी मजदूरों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाती है। भाजपा की कथनी और करनी में बहुत अंतर है।
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चुनाव के नजदीक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा को राम मंदिर याद आ रहा है। जनता भाजपा का असली चेहरा पहचान चुकी है और मोदी सरकार को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर चुकी है। भाजपा के शासनकाल में दुकानदार, छोटे उद्योगपति भी दुखी हैं। सभा में साधु संतों को भाजपा व आरएसएस के लोगों ने राम मंदिर के बहाने इकट्ठा किया था। भाजपा के नेताओं को कम्युनिस्टों से इसलिए समस्या है, क्योंकि पार्टी मजदूरों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाती है। भाजपा की कथनी और करनी में बहुत अंतर है।
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