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एनपीएस के नाम पर कर्मचारियों को दिया धोखा : राजेंद्र
Updated Thu, 15 Mar 2018 10:40 PM IST
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हमीरपुर। एनपीएस कर्मचारी एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार राजेंद्र स्वदेशी ने कहा कि पुरानी पेंशन प्रणाली को बंद कर नई पेंशन प्रणाली को अति उत्तम बताकर सरकार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित बुढ़ापे का आधार पुरानी पेंशन प्रणाली ही है।
राजेंद्र ने कहा कि जब केंद्र सरकार नई पेंशन प्रणाली की स्कीम को लेकर आई तो सरकार ने एनपीएस प्रणाली का बड़े पैमाने पर झूठा प्रचार प्रसार किया। कर्मचारियों को बताया गया कि नई पेंशन प्रणाली पुरानी पेंशन प्रणाली से कहीं ज्यादा सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि इस स्कीम में कर्मचारियों के मूल वेतन से दस प्रतिशत कटौती होगी। जिससे आपको पेंशन राशि अधिक प्राप्त होगी। इसी तरह का तर्क सभी राज्यों के मुख्यमंत्री ने दिया। इसके बाद वहां पर नई पेंशन प्रणाली को लागू करके पुरानी पेंशन प्रणाली जीवनदायिनी को बंद कर दिया गया। सिर्फ दो राज्यों को छोड़कर पश्चिमी बंगाल व त्रिपुरा को। इस तरह भारतीय कर्मचारियों के साथ विश्वासघात किया गया कि नई पेंशन प्रणाली में पेंशन राशि आपको ज्यादा मिलेगी। क्योंकि इसमें आपकी 10 प्रतिशत मूल वेतन की कटौती भी होगी। इस समय नई पेंशन प्रणाली 48,00,000 भारतीय कर्मचारियों को प्रभावित कर रही है और भविष्य में अनेकों लाख कर्मचारियों को प्रभावित करेगी।
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राजेंद्र ने कहा कि जब केंद्र सरकार नई पेंशन प्रणाली की स्कीम को लेकर आई तो सरकार ने एनपीएस प्रणाली का बड़े पैमाने पर झूठा प्रचार प्रसार किया। कर्मचारियों को बताया गया कि नई पेंशन प्रणाली पुरानी पेंशन प्रणाली से कहीं ज्यादा सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि इस स्कीम में कर्मचारियों के मूल वेतन से दस प्रतिशत कटौती होगी। जिससे आपको पेंशन राशि अधिक प्राप्त होगी। इसी तरह का तर्क सभी राज्यों के मुख्यमंत्री ने दिया। इसके बाद वहां पर नई पेंशन प्रणाली को लागू करके पुरानी पेंशन प्रणाली जीवनदायिनी को बंद कर दिया गया। सिर्फ दो राज्यों को छोड़कर पश्चिमी बंगाल व त्रिपुरा को। इस तरह भारतीय कर्मचारियों के साथ विश्वासघात किया गया कि नई पेंशन प्रणाली में पेंशन राशि आपको ज्यादा मिलेगी। क्योंकि इसमें आपकी 10 प्रतिशत मूल वेतन की कटौती भी होगी। इस समय नई पेंशन प्रणाली 48,00,000 भारतीय कर्मचारियों को प्रभावित कर रही है और भविष्य में अनेकों लाख कर्मचारियों को प्रभावित करेगी।
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