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शिक्षा खंड हमीरपुर के 13 प्राथमिक स्कूल बंद होने की कगार पर
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हमीरपुर। शिक्षा खंड हमीरपुर के अंतर्गत आने वाले 98 प्राथमिक स्कूलों में से 13 स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। शिक्षा खंड हमीरपुर के अंतर्गत प्राथमिक स्कूल भटवाड़ा में दो, भरनोट में दो, बीड़ीधार में दो, करसाह में सात, ककड़यार में दो, हलाणा में आठ, स्वाहल में सात, पौंज में आठ, प्लासी में पांच, खटवी में सात, खग्गल में नौ, डडवाला गुजरां में पांच, डबरेहड़ा में 2 से 10 के बीच विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्रों की संख्या कम होने से इन स्कूलों में कभी भी ताला लटक सकता है।
स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना भी खत्म हो रही है। स्कूल में दाखिल अन्य विद्यार्थी भी निजी स्कूलों की तरफ रुख कर रहे हैं। अभिभावकों सरोज कुमारी, सुमन देवी, रमा देवी, राकेश कुमार आदि ने कहा कि उन्होंने सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवाया है। लेकिन, स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम होने से वह लगातार पढ़ाई में पिछड़ते जा रहे हैं। छोटी कक्षाओं में बच्चे प्रतिस्पर्धा और खेल-खेल में पढ़ाई करना सीखते हैं, लेकिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने से न ही बच्चे खेल पा रहे हैं और न ही अच्छे से पढ़ाई कर पा रहे हैं। अगर इसी अंतराल से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटती रही तो शीघ्र आधुनिक सुविधाओं वाले इन स्कूलों में ताला लटक सकता है।
इस संदर्भ में खंड शिक्षा अधिकारी मदन लाल ने कहा कि सरकार की ओर से प्री प्राइमरी से लेकर बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूल में निशुल्क: आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। लेकिन, अधिकांश लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिल करवा रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है।
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स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना भी खत्म हो रही है। स्कूल में दाखिल अन्य विद्यार्थी भी निजी स्कूलों की तरफ रुख कर रहे हैं। अभिभावकों सरोज कुमारी, सुमन देवी, रमा देवी, राकेश कुमार आदि ने कहा कि उन्होंने सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवाया है। लेकिन, स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम होने से वह लगातार पढ़ाई में पिछड़ते जा रहे हैं। छोटी कक्षाओं में बच्चे प्रतिस्पर्धा और खेल-खेल में पढ़ाई करना सीखते हैं, लेकिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने से न ही बच्चे खेल पा रहे हैं और न ही अच्छे से पढ़ाई कर पा रहे हैं। अगर इसी अंतराल से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटती रही तो शीघ्र आधुनिक सुविधाओं वाले इन स्कूलों में ताला लटक सकता है।
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इस संदर्भ में खंड शिक्षा अधिकारी मदन लाल ने कहा कि सरकार की ओर से प्री प्राइमरी से लेकर बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूल में निशुल्क: आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। लेकिन, अधिकांश लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिल करवा रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है।
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