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सघन बागवानी तकनीक और वैज्ञानिक सिंचाई व्यवस्था पर किया मंथन
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:25 PM IST
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हमीरपुर। जिला बागवानी तकनीकी अधिकारियों को परियोजना की बारीकियां समझाने के लिए विशेषज्ञों का एक दल वीरवार को हमीरपुर पहुंचा। हमीरपुर में आयोजित कार्यशाला में बताया गया कि परियोजना के तहत शीतोष्ण इलाकों में सेब, नाशपाती, आडू, पलम, चेरी, खुमानी और अखरोट के साथ सब ट्रॉपिकल इलाकों में आम, लीची और नींबू प्रजातीय फलों की सघन बागवानी को बढ़ावा दिया जाना है।
परियोजना का लक्ष्य है कि राज्य के छोटे, सीमांत, और मंझोले किसानों के साथ महिला बागवानों को भी ज्यादा से ज्यादा लाभ दिया जाए। हमीरपुर में दो दिवसीय दौरे के दौरान शिमला से आए विशेषज्ञों के दल ने अधिकारियों से हर जिले में किसान समूह बनाए जाने पर बल दिया। हमीरपुर के बागवानी उपनिदेशक के कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों के दल ने सघन बागवानी तकनीक और वैज्ञानिक सिंचाई व्यवस्था को लेकर मंथन किया। इसके साथ ही सघन बागवानी से होने वाले आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय व सामाजिक संतुलन को लेकर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों का दल दूसरे दिन हमीरपुर में बागवान किसान समूह बनाने और चुने गए इन समूहों के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए बागवानी से जुड़े इलाकों का भी दौरा करेगा। इसमें शिमला से आई टीम से विशेषज्ञ सुरेंद्र कुमार, डॉ. प्रबल चौहान, डॉ. एचआर शर्मा, डॉ. मनोज जोशी, शैफाली शर्मा, डॉ. जगदीश शर्मा, प्रो. एनएस विष्ट, उपनिदेशक डॉ. आरके धीमान सहित अन्य तकनीकी अधिकारी उपस्थित मौजूद रहे।
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परियोजना का लक्ष्य है कि राज्य के छोटे, सीमांत, और मंझोले किसानों के साथ महिला बागवानों को भी ज्यादा से ज्यादा लाभ दिया जाए। हमीरपुर में दो दिवसीय दौरे के दौरान शिमला से आए विशेषज्ञों के दल ने अधिकारियों से हर जिले में किसान समूह बनाए जाने पर बल दिया। हमीरपुर के बागवानी उपनिदेशक के कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों के दल ने सघन बागवानी तकनीक और वैज्ञानिक सिंचाई व्यवस्था को लेकर मंथन किया। इसके साथ ही सघन बागवानी से होने वाले आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय व सामाजिक संतुलन को लेकर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों का दल दूसरे दिन हमीरपुर में बागवान किसान समूह बनाने और चुने गए इन समूहों के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए बागवानी से जुड़े इलाकों का भी दौरा करेगा। इसमें शिमला से आई टीम से विशेषज्ञ सुरेंद्र कुमार, डॉ. प्रबल चौहान, डॉ. एचआर शर्मा, डॉ. मनोज जोशी, शैफाली शर्मा, डॉ. जगदीश शर्मा, प्रो. एनएस विष्ट, उपनिदेशक डॉ. आरके धीमान सहित अन्य तकनीकी अधिकारी उपस्थित मौजूद रहे।
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