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पंचायतों में ठेकेदारी प्रथा को बंद करने की उठी मांग
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:13 PM IST
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सुजानपुर (हमीरपुर)। विकास खंड सुजानपुर के पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायतों में विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया के तहत ठेकेदारों से करवाए जाने का विरोध किया है। इसके लिए खंड की 20 पंचायतों के प्रधानों की विशेष बैठक सुजानपुर में आयोजित की गई। इसमें सभी प्रधानों ने इस टेंडर प्रक्रिया का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास कार्य जिस तरह पहले हुआ करते थे उसी तरह होने चाहिए। अगर सरकार टेंडर प्रक्रिया और ठेकेदारों से कार्य करवाएगी तो पंचायतों में जो दिहाड़ीदार कार्य करके आजीविका कमाते थे, वह बेरोजगार हो जाएंगे।
पंचायत प्रधान जगन कटोच, प्रकाश ठाकुर, रमेश चौधरी, शर्मिला ठाकुर, विजय कुमार, सुमन कुमारी, संध्या देवी, अश्वनी ठाकुर, ओंकार चंद, रजनी बाला, रेखा शर्मा आदि ने कहा कि पंचायतों में जो भी विकास कार्य होते हैं। इसमें उसी पंचायत के दिहाड़ीदार काम करते हैं। इससे उन्हें आजीविका के साधन मिलते हैं और अपने परिवार को पालते हैं। पंचायतों में ठेेकेदारों द्वारा कार्य किए जाने से ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल पाएगा। ठेकेदार अपनी लेबर को ही लगाएंगे। पंचायत प्रधानों ने प्रदेश सरकार एवं पंचायती राज विभाग से गुहार लगाई है कि पंचायतों में 14वें वित्त आयोग के तहत जो भी कार्य होते हैं उन्हें पुराने तरीके से ही करवाया जाए। इस फैसले को वापस लिया जाए।
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पंचायत प्रधान जगन कटोच, प्रकाश ठाकुर, रमेश चौधरी, शर्मिला ठाकुर, विजय कुमार, सुमन कुमारी, संध्या देवी, अश्वनी ठाकुर, ओंकार चंद, रजनी बाला, रेखा शर्मा आदि ने कहा कि पंचायतों में जो भी विकास कार्य होते हैं। इसमें उसी पंचायत के दिहाड़ीदार काम करते हैं। इससे उन्हें आजीविका के साधन मिलते हैं और अपने परिवार को पालते हैं। पंचायतों में ठेेकेदारों द्वारा कार्य किए जाने से ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल पाएगा। ठेकेदार अपनी लेबर को ही लगाएंगे। पंचायत प्रधानों ने प्रदेश सरकार एवं पंचायती राज विभाग से गुहार लगाई है कि पंचायतों में 14वें वित्त आयोग के तहत जो भी कार्य होते हैं उन्हें पुराने तरीके से ही करवाया जाए। इस फैसले को वापस लिया जाए।
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