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सरकारी खजाने को चपत लगाने पर पंचायत प्रधान सस्पेंड
Updated Tue, 02 Oct 2018 09:24 PM IST
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हमीरपुर। विकास खंड नादौन की एक ग्राम पंचायत को वित्तीय अनियमितता के आरोप साबित होने पर प्रधान पद से निष्कासित कर दिया है। जिला पंचायती राज विभाग ने पंचायत निरीक्षक की रिपोर्ट आने के बाद यह सख्त कार्रवाई की है। इससे पहले पंचायत प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था। लेकिन पंचायत प्रधान विभाग के नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जिसके चलते पंचायती राज अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए सरकारी खजाने को चपत लगाने के आरोप में विभाग ने प्रधान को निष्कासित कर दिया है।
जिला पंचायत अधिकारी हमीरपुर रमेश चंद कपूर ने पंचायत के प्रधान को निष्कासित करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गलोड तहसील की समीपवर्ती एक पंचायत के प्रधान पर गांव के ही एक व्यक्ति ने वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शिकायत के बाद विभाग ने पंचायत निरीक्षक को मामले की जांच के निर्देश दिए। पंचायत निरीक्षक की जांच में पाया गया कि मनरेगा बजट और बिजली उपकरणों की खरीद में नियमों की अवहेलना हुई है। पंचायत निरीक्षक की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पंचायत प्रधान को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जिसके चलते उसे पंचायत प्रधान पद से निष्कासित कर दिया गया है।
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जिला पंचायत अधिकारी हमीरपुर रमेश चंद कपूर ने पंचायत के प्रधान को निष्कासित करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गलोड तहसील की समीपवर्ती एक पंचायत के प्रधान पर गांव के ही एक व्यक्ति ने वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शिकायत के बाद विभाग ने पंचायत निरीक्षक को मामले की जांच के निर्देश दिए। पंचायत निरीक्षक की जांच में पाया गया कि मनरेगा बजट और बिजली उपकरणों की खरीद में नियमों की अवहेलना हुई है। पंचायत निरीक्षक की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पंचायत प्रधान को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जिसके चलते उसे पंचायत प्रधान पद से निष्कासित कर दिया गया है।
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