{"_id":"5ac61e444f1c1bf1618b59e9","slug":"111522933316-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए अध्यापकों का जनसंपर्क अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए अध्यापकों का जनसंपर्क अभियान
Updated Thu, 05 Apr 2018 06:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए अध्यापकों ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। जिला के सभी स्कूलों के अध्यापक गांव-गांव में जाकर अभिभावकों को बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। अध्यापक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में दी जानी सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं। जिला के सभी उच्च और माध्यमिक स्कूलों में पहली बार यह अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन में बढ़ोतरी करने के लिए विभाग ने यह कदम उठाया है।
इस अभियान में स्कूल प्रबंधन कमेटी सदस्य एवं पंचायत प्रतिनिधि भी अध्यापकों का सहयोग कर रहे हैं। स्कूलों ने इस के लिए पंपलेट भी छपाए हैं। जिसमें प्रदेश द्वारा स्कूलों में चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया है। इस संबंध में उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर सोमदत्त सांख्यान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन में बढ़ोतरी करने के लिए गांवों में जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला के सभी स्कूलों को इस के लिए निर्देश दिए गए हैं कि वह गांव-गांव में जाकर यह अभियान चलाए और अभिभावकों को जागरूक करें।
विज्ञापन
इस अभियान में स्कूल प्रबंधन कमेटी सदस्य एवं पंचायत प्रतिनिधि भी अध्यापकों का सहयोग कर रहे हैं। स्कूलों ने इस के लिए पंपलेट भी छपाए हैं। जिसमें प्रदेश द्वारा स्कूलों में चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया है। इस संबंध में उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर सोमदत्त सांख्यान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन में बढ़ोतरी करने के लिए गांवों में जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला के सभी स्कूलों को इस के लिए निर्देश दिए गए हैं कि वह गांव-गांव में जाकर यह अभियान चलाए और अभिभावकों को जागरूक करें।
विज्ञापन