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सीएम बताएं, किस दबाव में टेकओवर किया जोरावर सिंह कॉलेज : कांग्रेस
Updated Fri, 14 Dec 2018 11:12 PM IST
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हमीरपुर। धनेटा स्थित जनरल जोरावर सिंह निजी कॉलेज को सरकार के टेकओवर करने पर कांग्रेस भड़क गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और धनेटा के स्थानीय कांग्रेसियों ने जयराम सरकार को चेताया है कि कॉलेज का अधिग्रहण रद्द नहीं किया गया को बड़ा आंदोलन होगा। पूर्व बीडीसी चेयरमैन सुनील शर्मा बिट्टू, बीडीसी मनोहर, जगदीश चंद, विक्रम कटोच, अजय चिंटू, पंचायत प्रधान धनेटा पवना कुमारी, प्रोमिला शर्मा, सुदेश बेगम और भारत भूषण कपिल, रजनीश शर्मा ने कहा है कि सरकार का यह निर्णय एक भाजपा नेता को वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए है।
उन्होंने कहा कि सीएम बताएं कि किसके दबाव में यह निर्णय लिया गया। इस निर्णय का भाजपा नेता और उनके साझेदारों के अलावा आम जनता और छात्रों को कोई फायदा नहीं है। सरकारी कॉलेज में तीन सौ से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। कॉलेज के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार में ही बजट व भूमि का प्रावधान हो चुका है। जयराम सरकार को निजी कॉलेज टेकओवर करने के बजाय सरकारी कॉलेज के भवन का निर्माण कराना चाहिए था। कांग्रेस समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा जोरावर सिंह कॉलेज का स्टाफ अयोग्य है। नियुक्तियां भी मनमाने तरीके से की गई हैं। यूजीसी के नियमों का नियुक्तियों में पालन नहीं किया गया। ऐसे में सरकार अयोग्य स्टाफ को कैसे अपने अधीन ले सकती है। निजी कॉलेज टेकओवर करने का फैसला लोगों को कतई स्वीकार नहीं है। चूंकि, सरकारी कॉलेज के लिए पचास एकड़ जमीन और पांच करोड़ रुपये निर्माण कार्य के लिए बजट में स्वीकृत हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि जनहित के विपरीत कोई भी निर्णय न लें, वरना कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। निजी कॉलेज को टेकओवर करने की अधिसूचना तत्काल रद्द हो।
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उन्होंने कहा कि सीएम बताएं कि किसके दबाव में यह निर्णय लिया गया। इस निर्णय का भाजपा नेता और उनके साझेदारों के अलावा आम जनता और छात्रों को कोई फायदा नहीं है। सरकारी कॉलेज में तीन सौ से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। कॉलेज के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार में ही बजट व भूमि का प्रावधान हो चुका है। जयराम सरकार को निजी कॉलेज टेकओवर करने के बजाय सरकारी कॉलेज के भवन का निर्माण कराना चाहिए था। कांग्रेस समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा जोरावर सिंह कॉलेज का स्टाफ अयोग्य है। नियुक्तियां भी मनमाने तरीके से की गई हैं। यूजीसी के नियमों का नियुक्तियों में पालन नहीं किया गया। ऐसे में सरकार अयोग्य स्टाफ को कैसे अपने अधीन ले सकती है। निजी कॉलेज टेकओवर करने का फैसला लोगों को कतई स्वीकार नहीं है। चूंकि, सरकारी कॉलेज के लिए पचास एकड़ जमीन और पांच करोड़ रुपये निर्माण कार्य के लिए बजट में स्वीकृत हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि जनहित के विपरीत कोई भी निर्णय न लें, वरना कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। निजी कॉलेज को टेकओवर करने की अधिसूचना तत्काल रद्द हो।
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