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'हैंडपंप लगवाने और बंदरों की नसबंदी में घोटाला'
धर्मशाला/ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2013 09:59 AM IST
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हिमाचल विधानसभा शीत सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चरचा का आगाज जोरदार बहस के साथ हुआ। धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने भाजपा सरकार के पिछले पांच साल में कुशासन और उत्पीड़न के आरोप लगाए। कहा कि इस दौरान आईपीएच के हैंडपंप लगाने और बंदर नसबंदी अभियान के नाम पर बड़े घोटाले हुए हैं। इनकी जांच के लिए शीघ्र एसआईटी का गठन होना चाहिए।
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वीरभद्र समेत कई कांग्रेस नेताओं पर झूठे केस
जगत सिंह ने ट्राइबल में वन अधिकार कानून 2006 को लागू न करने और किन्नौर में लंबित नौतोड़ मामलों का मसला भी उठाया। कहा कि पूर्व सरकार ने गलत फैसलों से खजाना खाली कर दिया है। राज्य पर 26 हजार करोड़ का कर्ज है। भाजपा सरकार ने वीरभद्र सिंह समेत कई कांग्रेस नेताओं पर झूठे केस बनवाए। पूर्व सरकार ने अवार्ड भी मैच फिक्सिंग की तरह लिए। प्रस्ताव का समर्थन करते हुए संजय रतन ने कहा कि भाजपा ने शिक्षा का व्यापारीकरण कर दिया था। हर वर्ग का राजनीतिक आधार पर उत्पीड़न किया गया। इसलिए स्वतंत्र जांच आयोग होना ही चाहिए।
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धूमल आरोपों पर हैरान
विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि वह चाहते तो थे कि अभिभाषण पर कोई ज्यादा विवाद न हो, लेकिन इसके माध्यम से लगाए गए आरोपों पर वह हैरान हैं। उन्होंने कहा कि सीडी मामले को जांच के लिए विजिलेंस में 7 जून, 2007 को भेजा गया था। तब मुख्यमंत्री कौन था? 2003 से 2007 तक राज्य पर 8000 करोड़ का कर्ज बढ़ा था। कर्ज लेने की प्रथा भी कांग्रेस सरकार ने ही शुरू की थी।
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धूमल ने हैरानी जताई कि पर्यावरण जैसा अहम मसला अभिभाषण में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अवार्ड मैच फिक्सिंग से मिले हैं तो यह गौरव भी उन्हें ही मिला कि उन्होंने भारत के राष्ट्रपति के साथ मैच फिक्सिंग की। उनकी सरकार को बहुत से अवार्ड राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के हाथों मिले। उन्होंने कांग्रेस सरकार से आग्रह किया कि औद्योगिक पैकेज बहाल करवाने और चंबा बार्डर पर आईटीबीपी की तैनाती का मसला केंद्र के समक्ष उठाए। कांग्रेस विधायकों कुलदीप कुमार, नंदलाल और रवि ठाकुर, जबकि भाजपा से महेंद्र सिंह और रणधीर शर्मा ने चरचा में भाग लिया। हिलोपा विधायक महेश्वर सिंह ने भी चरचा के बाद प्रस्ताव का समर्थन किया।
आज चर्चा का जवाब देंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर सत्र के अंतिम दिन यानी शुक्रवार को जवाब देंगे। इससे पहले वीरवार शाम धर्मशाला में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें लिए गए कुछ फैसलों से भी वह सदन को अवगत करवाएंगे। इसी के साथ शीतकालीन सत्र की समाप्ति भी होगी।