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Chamba News: कूहल में गिराया जा रहा शौचालयों का पानी, खेतों तक पहुंच रही गंदगी
Sun, 18 Jan 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 18 Jan 2026 10:39 PM IST
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सिहुंता (चंबा)। वर्षों पुरानी सुहड़ा से ओथला तक बनी सिंचाई कूहल गंदगी से भरी पड़ी है। इसका कारण बाजार, घरों और सार्वजनिक शौचालयों का गंदा पानी कूहल में गिराया जाना है। इससे 60 किसानों के खेतों में गंदगी पहुंच रही है, जिससे वे परेशान हैं।
किसानों ने बताया कि कूहल में जगह-जगह कचरे के ढेर, प्लास्टिक और गंदगी जमा हो चुकी है, जिससे आसपास के क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कूहल के किनारे से गुजरना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।
कई घरों के शौचालयों का पानी सीधे इसी कूहल में छोड़ा जा रहा है, जो आगे चलकर खेतों तक पहुंच रहा है। गंदे पानी से सिंचाई होने के कारण फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कई बार पंचायत और संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत करवाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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यह कूहल हमारे खेतों के लिए संजीवनी का काम करती थी, लेकिन आज इसमें शौचालयों का पानी बह रहा है। मजबूरी में उसी पानी से खेती कर रहे हैं, जिससे फसल बर्बाद हो रही है। सुरेंद्र कुमार, किसान
कूहल के पास रहना मुश्किल हो गया है। बदबू इतनी तेज होती है कि बच्चों को बाहर निकलने नहीं देते, बीमारी का डर बना रहता है। खेतों में गंदा पानी पहुंचता है। अशोक कुमार, किसान
बाजार का सारा गंदा पानी इसी कूहल जाता है। एक समय था जब इस कूहल में गंदगी का नाम निशान नहीं था। साफ पानी खेतों में जाता था, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। अभिषेक, किसान
वर्षों से खेती कर रहा हूं। फसलों पर ही अधिकतर किसान निर्भर रहते हैं। खेतों में अगर गंदा पानी पहुंचेगा तो फसल की पैदावार तो कम होगी। इसकी सही तरीके से सफाई करनी चाहिए। बर्फी राम, किसान
मामला ध्यान में है। यह कूहल जल शक्ति विभाग की ओर से बनाई गई है। उन्हें इस बारे में प्रस्ताव भेजा गया है। अनिल शर्मा, प्रधान, ग्राम पंचायत सिहुंता
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किसानों ने बताया कि कूहल में जगह-जगह कचरे के ढेर, प्लास्टिक और गंदगी जमा हो चुकी है, जिससे आसपास के क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कूहल के किनारे से गुजरना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।
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कई घरों के शौचालयों का पानी सीधे इसी कूहल में छोड़ा जा रहा है, जो आगे चलकर खेतों तक पहुंच रहा है। गंदे पानी से सिंचाई होने के कारण फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कई बार पंचायत और संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत करवाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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यह कूहल हमारे खेतों के लिए संजीवनी का काम करती थी, लेकिन आज इसमें शौचालयों का पानी बह रहा है। मजबूरी में उसी पानी से खेती कर रहे हैं, जिससे फसल बर्बाद हो रही है। सुरेंद्र कुमार, किसान
कूहल के पास रहना मुश्किल हो गया है। बदबू इतनी तेज होती है कि बच्चों को बाहर निकलने नहीं देते, बीमारी का डर बना रहता है। खेतों में गंदा पानी पहुंचता है। अशोक कुमार, किसान
बाजार का सारा गंदा पानी इसी कूहल जाता है। एक समय था जब इस कूहल में गंदगी का नाम निशान नहीं था। साफ पानी खेतों में जाता था, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। अभिषेक, किसान
वर्षों से खेती कर रहा हूं। फसलों पर ही अधिकतर किसान निर्भर रहते हैं। खेतों में अगर गंदा पानी पहुंचेगा तो फसल की पैदावार तो कम होगी। इसकी सही तरीके से सफाई करनी चाहिए। बर्फी राम, किसान
मामला ध्यान में है। यह कूहल जल शक्ति विभाग की ओर से बनाई गई है। उन्हें इस बारे में प्रस्ताव भेजा गया है। अनिल शर्मा, प्रधान, ग्राम पंचायत सिहुंता