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Chamba News: मिंजर मेले से पहले कैफे मार्ग पर लगाई जाए मोटी जाली
Thu, 18 Jul 2024 10:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 18 Jul 2024 10:45 PM IST
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चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला शुरू होने से पहले कैफे मार्ग पर लोहे के जंगलों के साथ आठ फीट की मोटी जाली लगाई जाती है तो यहां कूड़ा-कर्कट फेंकने वालों पर नकेल लग सकती है।
गंदगी के ढेरों से शहर की सुंदरता पर लगने वाले दाग से भी निजात मिलेगी। साझा संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष पीसी ओबराय ने बताया कि शहर में हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला धूमधाम से मनाया जाता है। मेले में सैकड़ों की संख्या में बाहरी प्रदेशों और हिमाचल के अन्य जिलों के व्यापारी शिरकत करते हैं।
बताया कि सात दिवसीय मेले में व्यापारी 10 से 15 दिन तक धड़ल्ले से व्यापार करते हैं। जिले के काफी लोग सामान की खरीदारी करते हैं। ओबराय ने कहा कि मेले दौरान और इसके समापन पर क्विंटलों के हिसाब से कूड़े के ढेर लग जाते हैं। कूड़े को कैफे रोड के नीचे फेंक दिया जाता है। यह महीनों तक पड़ा रहता है। बताया कि इसी मार्ग पर बुजुर्गों समेत अन्य लोग सुबह और शाम के समय आवाजाही करते हैं। इन्हें बदबू से परेशान होना पड़ता है। ओबराय ने प्रशासन से आग्रह किया है कि कैफे मार्ग पर लोहे के जंगलों के साथ आठ फीट के मोटी जाली लगाई जाए।
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गंदगी के ढेरों से शहर की सुंदरता पर लगने वाले दाग से भी निजात मिलेगी। साझा संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष पीसी ओबराय ने बताया कि शहर में हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला धूमधाम से मनाया जाता है। मेले में सैकड़ों की संख्या में बाहरी प्रदेशों और हिमाचल के अन्य जिलों के व्यापारी शिरकत करते हैं।
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बताया कि सात दिवसीय मेले में व्यापारी 10 से 15 दिन तक धड़ल्ले से व्यापार करते हैं। जिले के काफी लोग सामान की खरीदारी करते हैं। ओबराय ने कहा कि मेले दौरान और इसके समापन पर क्विंटलों के हिसाब से कूड़े के ढेर लग जाते हैं। कूड़े को कैफे रोड के नीचे फेंक दिया जाता है। यह महीनों तक पड़ा रहता है। बताया कि इसी मार्ग पर बुजुर्गों समेत अन्य लोग सुबह और शाम के समय आवाजाही करते हैं। इन्हें बदबू से परेशान होना पड़ता है। ओबराय ने प्रशासन से आग्रह किया है कि कैफे मार्ग पर लोहे के जंगलों के साथ आठ फीट के मोटी जाली लगाई जाए।
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