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Chamba News: नींव से आगे नहीं बढ़ा खेल मैदान का काम
Tue, 02 May 2023 09:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 02 May 2023 09:44 PM IST
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चुवाड़ी (चंबा)। जिले में दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा बिना खेल मैदान के दबकर रह गई है। एक अदद खेल मैदान न होने से दिव्यांग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित नहीं कर पा रहे हैं। हैरानी की बात है कि भटियात विधानसभा क्षेत्र के त्रिमथ में जनवरी 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बहुउद्देशीय खेल मैदान का शिलान्यास किया था लेकिन छह वर्ष बाद भी खेल मैदान पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में देश-दुनिया में चंबा जिले का नाम रोशन करने की चाह रखने वाले दिव्यांग खिलाड़ी विभिन्न खेलों संबंधी अपना अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। यही कारण है कि वर्लिन में होने वाली ग्रीष्मकालीन खेल प्रतिस्पर्धा में जिला चंबा का एक भी दिव्यांग खिलाड़ी आगे नहीं निकल पाया है।
गौरतलब है कि त्रिमथ में दिव्यांग खिलाड़ियों समेत अन्य खिलाड़ियों के उत्थान के लिए वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से बहुउद्देशीय खेल मैदान की नींव तो रखी गई लेकिन बहुउद्देशीय खेल मैदान बनाने का सपना साकार नहीं हो पाया है।
स्थानीय निवासी सतपाल ठाकुर ने बताया कि कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के सपने को कांग्रेस सरकार को साकार करके जिले के खिलाड़ियों को सहूलियत देनी चाहिए। बावजूद इसके खेल मैदान को अब तक पूरी तरह से समतल भी नहीं किया जा सका है।
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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संजय कुमार, कंचन कुमारी, सलोचना देवी, राष्ट्रीय खिलाड़ी अनिल कुमार, योगराज आदि ने बताया कि बहुउद्देशीय खेल मैदान के अभाव में खिलाड़ियों की प्रतिभा दबकर रह गई है। सरकार और प्रशासन को युवाओं की प्रतिभा को उजागर करने के लिए बेहतरीन प्रयास करने चाहिए।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि बहुउद्देशीय खेल मैदान के किनारों पर सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य विभाग की ओर से करवाया गया है। उसके बाद अब ड्राइंग स्वीकृति के लिए युवा सेवाएं एवं खेल विभाग शिमला को भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आगामी कार्य आरंभ होगी।
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के जिला खेल अधिकारी रुपेश कुमार ने बताया कि 75 लाख की राशि से आउटडोर खेल मैदान बनाया जाना प्रस्तावित है। इसमें बास्केटबाल, वॉलीबाल, ओपन गेम्स की सहूलियत खिलाड़ियों को मिलेगी। बताया कि एफसीए केस के तहत 22 लाख रुपये लोक निर्माण विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर करने के लिए पत्राचार का कार्य चल रहा है। बताया कि खेल मैदान एक हेक्टेयर से अधिक जमीन यानी 12 बीघा जमीन पर बनना प्रस्तावित है।
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गौरतलब है कि त्रिमथ में दिव्यांग खिलाड़ियों समेत अन्य खिलाड़ियों के उत्थान के लिए वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से बहुउद्देशीय खेल मैदान की नींव तो रखी गई लेकिन बहुउद्देशीय खेल मैदान बनाने का सपना साकार नहीं हो पाया है।
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स्थानीय निवासी सतपाल ठाकुर ने बताया कि कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के सपने को कांग्रेस सरकार को साकार करके जिले के खिलाड़ियों को सहूलियत देनी चाहिए। बावजूद इसके खेल मैदान को अब तक पूरी तरह से समतल भी नहीं किया जा सका है।
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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संजय कुमार, कंचन कुमारी, सलोचना देवी, राष्ट्रीय खिलाड़ी अनिल कुमार, योगराज आदि ने बताया कि बहुउद्देशीय खेल मैदान के अभाव में खिलाड़ियों की प्रतिभा दबकर रह गई है। सरकार और प्रशासन को युवाओं की प्रतिभा को उजागर करने के लिए बेहतरीन प्रयास करने चाहिए।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि बहुउद्देशीय खेल मैदान के किनारों पर सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य विभाग की ओर से करवाया गया है। उसके बाद अब ड्राइंग स्वीकृति के लिए युवा सेवाएं एवं खेल विभाग शिमला को भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आगामी कार्य आरंभ होगी।
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के जिला खेल अधिकारी रुपेश कुमार ने बताया कि 75 लाख की राशि से आउटडोर खेल मैदान बनाया जाना प्रस्तावित है। इसमें बास्केटबाल, वॉलीबाल, ओपन गेम्स की सहूलियत खिलाड़ियों को मिलेगी। बताया कि एफसीए केस के तहत 22 लाख रुपये लोक निर्माण विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर करने के लिए पत्राचार का कार्य चल रहा है। बताया कि खेल मैदान एक हेक्टेयर से अधिक जमीन यानी 12 बीघा जमीन पर बनना प्रस्तावित है।