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Chamba News: पवित्र मणिमहेश यात्रा से पहले मां भरमाणी से अनुमति लेने जाएगा ट्रस्ट
Fri, 17 Jul 2026 10:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 17 Jul 2026 10:50 PM IST
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भरमौर (चंबा)। इस वर्ष श्री मणिमहेश यात्रा के सफल आयोजन की कामना के लिए श्री मणिमहेश ट्रस्ट परंपरा के अनुसार मां भरमाणी माता से अनुमति लेने जाएगा।
ट्रस्ट के गैर-सरकारी सदस्यों की ओर से आयोजित बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया। उपायुक्त और ट्रस्ट के अध्यक्ष ने सदस्यों को अवगत करवाया कि श्री मणिमहेश यात्रा से जुड़ी सभी प्राचीन धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का विधिवत पालन किया जाना चाहिए। बैठक में पिछले वर्ष की यात्रा का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि यात्रा शुरू होने से लगभग डेढ़ माह पहले मां भरमाणी माता के गुरु ने संकेत दिया था कि वर्ष 2025 की श्री मणिमहेश यात्रा पूर्ण रूप से संपन्न नहीं हो पाएगी। श्रद्धालुओं के अनुसार उस संकेत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप लगातार हुई भारी वर्षा के कारण यात्रा को बीच में रोकना पड़ा और डल झील तोड़ने सहित कई प्राचीन धार्मिक रस्में पूरी नहीं हो सकीं। भारी बारिश से मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए जिससे यात्रा से जुड़े प्रमुख पात्र भी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सके। हड़सर से धनछो तक भारी नुकसान हुआ। खड़ामुख से चंबा तक कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। फंसे हुए यात्रियों को भारतीय सेना के हेलिकाप्टरों की सहायता से सुरक्षित चंबा पहुंचाया गया। ट्रस्ट के सदस्यों ने आशा जताई कि इस वर्ष सभी पारंपरिक धार्मिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए यात्रा का सफल, सुरक्षित एवं निर्बाध आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।
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ट्रस्ट के गैर-सरकारी सदस्यों की ओर से आयोजित बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया। उपायुक्त और ट्रस्ट के अध्यक्ष ने सदस्यों को अवगत करवाया कि श्री मणिमहेश यात्रा से जुड़ी सभी प्राचीन धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का विधिवत पालन किया जाना चाहिए। बैठक में पिछले वर्ष की यात्रा का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि यात्रा शुरू होने से लगभग डेढ़ माह पहले मां भरमाणी माता के गुरु ने संकेत दिया था कि वर्ष 2025 की श्री मणिमहेश यात्रा पूर्ण रूप से संपन्न नहीं हो पाएगी। श्रद्धालुओं के अनुसार उस संकेत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप लगातार हुई भारी वर्षा के कारण यात्रा को बीच में रोकना पड़ा और डल झील तोड़ने सहित कई प्राचीन धार्मिक रस्में पूरी नहीं हो सकीं। भारी बारिश से मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए जिससे यात्रा से जुड़े प्रमुख पात्र भी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सके। हड़सर से धनछो तक भारी नुकसान हुआ। खड़ामुख से चंबा तक कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। फंसे हुए यात्रियों को भारतीय सेना के हेलिकाप्टरों की सहायता से सुरक्षित चंबा पहुंचाया गया। ट्रस्ट के सदस्यों ने आशा जताई कि इस वर्ष सभी पारंपरिक धार्मिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए यात्रा का सफल, सुरक्षित एवं निर्बाध आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।