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बस अड्डे से ही शुरू हो जाता है दुश्वारियों का सफर
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न्यू बस स्टैंड चंबा में खाली पड़े पानी के कूलर के आग खड़ा व्यक्ति।
- फोटो : Chamba
चंबा। चंबा नए बस अड्डे से ही लोगों का दुश्वारियों का सफर शुरू हो जाता है।
जिले के कई रूटों पर जहां बसों के बीच रास्ते में हांफने से यात्री परेशानी हो रहे हैं वहीं उन्हें बस अड्डे में भी सुविधाओं के अभाव में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय के पास सबसे ज्यादा भीड़ वाले नए बस अड्डे में सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। वहीं सार्वजनिक शौचालयों में ताले लटके हुए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि बस का इंतजार करने वाले यात्रियों को कूलर से पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। छत पर रखी पानी की टंकियों में मिट्टी जमी हुई है जबकि दो टंकियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
बस अड्डे की इमारत के पीछे सीवरेज के ढक्कन खुले पड़े हैं। बहरहाल जहां सबसे ज्यादा लोगों की आवाजाही रहती है वहां हर जगह अव्यवस्था का आलम है। बस अड्डे में लोगों की सुविधा के लिए दो छोरों पर सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था है लेकिन एक तरफ शौचालय सुचारु है जबकि दूसरी तरफ शौचालयों में ताले लटके हुए हैं। स्थिति ऐसी है कि शौचालय के लिए लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। एचआरटीसी के अफसर यहां रोजाना आवाजाही करते हैं लेकिन इस अव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। लोग पेयजल के लिए भटकने को मजबूर हैं।
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कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक साहिल कपूर का कहना है कि नए बस अड्डे में कूलर को दुरुस्त करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि सफाई कर्मियों की नियमित रूप से ड्यूटी लगाई जाएगी।
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जिले के कई रूटों पर जहां बसों के बीच रास्ते में हांफने से यात्री परेशानी हो रहे हैं वहीं उन्हें बस अड्डे में भी सुविधाओं के अभाव में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय के पास सबसे ज्यादा भीड़ वाले नए बस अड्डे में सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। वहीं सार्वजनिक शौचालयों में ताले लटके हुए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि बस का इंतजार करने वाले यात्रियों को कूलर से पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। छत पर रखी पानी की टंकियों में मिट्टी जमी हुई है जबकि दो टंकियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
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बस अड्डे की इमारत के पीछे सीवरेज के ढक्कन खुले पड़े हैं। बहरहाल जहां सबसे ज्यादा लोगों की आवाजाही रहती है वहां हर जगह अव्यवस्था का आलम है। बस अड्डे में लोगों की सुविधा के लिए दो छोरों पर सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था है लेकिन एक तरफ शौचालय सुचारु है जबकि दूसरी तरफ शौचालयों में ताले लटके हुए हैं। स्थिति ऐसी है कि शौचालय के लिए लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। एचआरटीसी के अफसर यहां रोजाना आवाजाही करते हैं लेकिन इस अव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। लोग पेयजल के लिए भटकने को मजबूर हैं।
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कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक साहिल कपूर का कहना है कि नए बस अड्डे में कूलर को दुरुस्त करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि सफाई कर्मियों की नियमित रूप से ड्यूटी लगाई जाएगी।