{"_id":"6341a86211d38f1c955d55dd","slug":"the-gradual-fast-of-the-affected-continues-for-the-second-day-chamba-news-sml4243071165","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रभावितों का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रभावितों का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी
विज्ञापन
ककरोटी धट्टा में क्रमिक अनशन पर बैठे प्रभावित परिवार और सदस्य।संवाद
- फोटो : Chamba
सिहुंता (चंबा)। ककरोटी घट्टा में आसमान से बरपे कहर से प्रभावित हुए 45 परिवार दूसरे दिन भी अनशन पर डटे रहे। प्रभावितों ने शासन और प्रशासन को चेताया है कि सोमवार से पहले समस्या का समाधान न होने पर वे ककरोटी घट्टा में चक्का जाम कर देंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की रहेगी। ग्राम पंचायत ककरोटी के वार्ड नंबर चार नलेड़, चौंकी, ककरोटी वार्ड के बुंगा और जमनेड़ वार्ड के झांगर गांव के प्रभावितों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उन्हें किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है।
इतने समय से टेंटों में रह रहे हैं। हम अपने बच्चों के साथ टेंट में नहीं रह सकते हैं। रोजाना आज कल सहायता देने का झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। -रजनी देवी, प्रभावित।
शुक्रवार से अनशन पर बैठे हैं। डेढ़ माह पूर्व प्रभावित अपने बच्चों के साथ टेंट में रातें गुजार रहे हैं लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही है। सर्दियों के मौसम में अब बच्चों को टेंटों में नहीं रख सकते हैं। -नीलम कुमारी, प्रभावित।
विज्ञापन
भारी बारिश के कारण क्षेत्र काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसे सरकार ने ही डेंजर जोन घोषित किया है। ऐसे में प्रशासन किस प्रकार से प्रभावितों को डेंजर जोन में रहने के लिए आदेश जारी कर सकता है। -मनोज कुमार, प्रभावित।
सरकार की ओर से प्रभावितों को 47 दिनों बाद भी न तो भूमि मिल पाई है और न ही मुआवजा मिला है। भूस्खलन से जमीन धंस चुकी है। निर्णय किया है कि सोमवार से पूर्व उनकी मांग पूरी न होने पर चक्का जाम कर देंगे। -देसराज, ककरोटी पंचायत प्रधान।
विज्ञापन
इतने समय से टेंटों में रह रहे हैं। हम अपने बच्चों के साथ टेंट में नहीं रह सकते हैं। रोजाना आज कल सहायता देने का झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। -रजनी देवी, प्रभावित।
विज्ञापन
शुक्रवार से अनशन पर बैठे हैं। डेढ़ माह पूर्व प्रभावित अपने बच्चों के साथ टेंट में रातें गुजार रहे हैं लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही है। सर्दियों के मौसम में अब बच्चों को टेंटों में नहीं रख सकते हैं। -नीलम कुमारी, प्रभावित।
विज्ञापन
भारी बारिश के कारण क्षेत्र काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसे सरकार ने ही डेंजर जोन घोषित किया है। ऐसे में प्रशासन किस प्रकार से प्रभावितों को डेंजर जोन में रहने के लिए आदेश जारी कर सकता है। -मनोज कुमार, प्रभावित।
सरकार की ओर से प्रभावितों को 47 दिनों बाद भी न तो भूमि मिल पाई है और न ही मुआवजा मिला है। भूस्खलन से जमीन धंस चुकी है। निर्णय किया है कि सोमवार से पूर्व उनकी मांग पूरी न होने पर चक्का जाम कर देंगे। -देसराज, ककरोटी पंचायत प्रधान।