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कंगेला स्कूल पर गिरी पहाड़ी, बाल-बाल बचे 64 बच्चे और 4 अध्यापक
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चंबा। राजकीय प्राथमिक पाठशाला कंगेला में शिक्षकों की सूझबूझ से 64 बच्चों की जिंदगी सुरक्षित बच गई। अगर समय रहते शिक्षकों ने बच्चों को यहां से बाहर नहीं निकाला होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि शिक्षकों ने पहाड़ी से भूस्खलन का आभास होते ही बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस पूरे वाकये को याद करके भी बच्चे और शिक्षक सिहर जाते हैं। उन्होंने बताया कि वीरवार को स्कूल में सबकुछ सामान्य की तरह चल रहा था। इसी दौरान अचानक अफरा तफरी मच गई, जब स्कूल के ऊपर पहाड़ी का मलबा गिरने लगा।
स्कूल की छत पर जैसे ही पहाड़ी से पत्थर गिरना शुरू हुए तो छात्रों ने सुरक्षा के लिए यहां-वहां भागना शुरू कर दिया। मगर अध्यापकों ने समझदारी दिखाते हुए सभी छात्रों को स्कूल से दूर ले जाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्कूल से कुछ ही दूरी पर स्थित एक कोठे में छात्रों को सुरक्षित पहुंचाया गया। इसके साथ ही घटना की सूचना शिक्षा विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। देखते ही देखते पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा गिरा जिससे स्कूल की एक दीवार पूरी तरह से धाराशायी हो गई।
हालांकि स्कूल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बच्चों को बरसात के इस मौसम में पढ़ाने को लेकर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में अभिभावकों को भी बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। मगर उन्हें इस बात की तसल्ली है कि इस बड़े हादसे में उनके नौनिहाल पूरी तरह से सुरक्षित बच गए।
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अब प्रशासन की मदद और अन्य विकल्प के बाद ही बच्चों की पढ़ाई शुरू हो पाएगी। वीरवार को हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। खंड शिक्षा अधिकारी कल्हेल लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उपरोक्त स्कूल में पहाड़ी दरकने से भवन को क्षति पहुंची है। जबकि सभी स्कूली बच्चे सुरक्षित हैं। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया है। इस बारे में जिला प्रशासन को भी अवगत करवा दिया गया है।
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स्कूल की छत पर जैसे ही पहाड़ी से पत्थर गिरना शुरू हुए तो छात्रों ने सुरक्षा के लिए यहां-वहां भागना शुरू कर दिया। मगर अध्यापकों ने समझदारी दिखाते हुए सभी छात्रों को स्कूल से दूर ले जाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्कूल से कुछ ही दूरी पर स्थित एक कोठे में छात्रों को सुरक्षित पहुंचाया गया। इसके साथ ही घटना की सूचना शिक्षा विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। देखते ही देखते पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा गिरा जिससे स्कूल की एक दीवार पूरी तरह से धाराशायी हो गई।
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हालांकि स्कूल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बच्चों को बरसात के इस मौसम में पढ़ाने को लेकर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में अभिभावकों को भी बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। मगर उन्हें इस बात की तसल्ली है कि इस बड़े हादसे में उनके नौनिहाल पूरी तरह से सुरक्षित बच गए।
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अब प्रशासन की मदद और अन्य विकल्प के बाद ही बच्चों की पढ़ाई शुरू हो पाएगी। वीरवार को हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। खंड शिक्षा अधिकारी कल्हेल लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उपरोक्त स्कूल में पहाड़ी दरकने से भवन को क्षति पहुंची है। जबकि सभी स्कूली बच्चे सुरक्षित हैं। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया है। इस बारे में जिला प्रशासन को भी अवगत करवा दिया गया है।