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पढ़ाई छोड़ प्रवक्ताओं के पदों को भरने मांग पर क्रमिक अनशन पर बैठे विद्यार्थी
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प्राध्यापकों की कमी को लेकर उपायुक्त कार्यालय गेट के पास क्रमिक अनशन पर बैठे तेलका कॉलेज के विद्?
- फोटो : Chamba
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चंबा। विकास खंड डलहौजी के तहत तेलका महाविद्यालय बिना प्रवक्ताओं के चल रहा है। कॉलेज में 109 विद्यार्थी शिक्षा हासिल करने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचते हैं लेकिन प्रवक्ताओं के पद खाली होने से उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी है। प्रवक्ताओं के पद न भरे जाने पर विद्यार्थियों ने मजबूरन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। शनिवार को दूसरे दिन अमन कुमार, मनीष कुमार, पंकज गौतम और विनय रावत क्रमिक अनशन पर बैठे।
हालांकि, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने भी क्रमिक अनशन पर बैठे विद्यार्थियों को उठने की बात कही जिसे विद्यार्थियों ने मांगें पूरी न होने तक सिरे से नकार दिया है।
कॉलेज में प्रवक्ताओं के पद रिक्त होने से विद्यार्थी दूसरे कॉलेजों में दाखिला ले रहे हैं। सरकार और प्रशासन खाली पदों को भरने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। जल्द प्रवक्ताओं के पदों को न भरें जाने पर सोमवार से विद्यार्थी आमरण अनशन शुरू कर देंगे। - पंकज गौतम, विद्यार्थी
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कॉलेज में प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। सरकार रैलियों में पैसा खर्च कर रही है। शिक्षा की ओर किसी का ध्यान नहीं है। गांव में एक निर्धन परिवार की लड़की है। खानपान सहित उसका खर्च ग्रामीण उठा रहे हैं। ऐसे में अब उच्च शिक्षा के लिए लड़की को कहीं बाहर नहीं भेजा सकता है। -अविनाश कुमार, विद्यार्थी।
चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित क्लर्क के सहारे ही तेलका महाविद्यालय चल रहा है। कई बार शासन-प्रशासन से मांग उठाई गई लेकिन कोई भी सकारात्मक पहल न होने पर आखिरकार अनशन का रास्ता चुनना पड़ा। -कविता कुमारी, विद्यार्थी।
कॉलेज में एक प्रवक्ता का पद भर दिए जाने से कुछ नहीं होगा। सभी पदों का भरा जाना जरूरी है। लड़कियां कमजोर नहीं होती हैं। यही कारण है कि अनशन पर लड़कियां भी बैठ रही हैं। यदि जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन पर भी लड़कियां बैठेंगी। - मनीषा कुमारी, विद्यार्थी।
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हालांकि, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने भी क्रमिक अनशन पर बैठे विद्यार्थियों को उठने की बात कही जिसे विद्यार्थियों ने मांगें पूरी न होने तक सिरे से नकार दिया है।
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कॉलेज में प्रवक्ताओं के पद रिक्त होने से विद्यार्थी दूसरे कॉलेजों में दाखिला ले रहे हैं। सरकार और प्रशासन खाली पदों को भरने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। जल्द प्रवक्ताओं के पदों को न भरें जाने पर सोमवार से विद्यार्थी आमरण अनशन शुरू कर देंगे। - पंकज गौतम, विद्यार्थी
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कॉलेज में प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। सरकार रैलियों में पैसा खर्च कर रही है। शिक्षा की ओर किसी का ध्यान नहीं है। गांव में एक निर्धन परिवार की लड़की है। खानपान सहित उसका खर्च ग्रामीण उठा रहे हैं। ऐसे में अब उच्च शिक्षा के लिए लड़की को कहीं बाहर नहीं भेजा सकता है। -अविनाश कुमार, विद्यार्थी।
चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित क्लर्क के सहारे ही तेलका महाविद्यालय चल रहा है। कई बार शासन-प्रशासन से मांग उठाई गई लेकिन कोई भी सकारात्मक पहल न होने पर आखिरकार अनशन का रास्ता चुनना पड़ा। -कविता कुमारी, विद्यार्थी।
कॉलेज में एक प्रवक्ता का पद भर दिए जाने से कुछ नहीं होगा। सभी पदों का भरा जाना जरूरी है। लड़कियां कमजोर नहीं होती हैं। यही कारण है कि अनशन पर लड़कियां भी बैठ रही हैं। यदि जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन पर भी लड़कियां बैठेंगी। - मनीषा कुमारी, विद्यार्थी।