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तूफान से उड़ीं स्कूलों और घरों की छतें
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एनएच पर मलबा गिरने के बाद लगा जाम।
- फोटो : Chamba
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चंबा। जिले में मौसम के बिगड़ते मिजाज से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मंगलवार सुबह बारिश के साथ चलने वाली तेज हवा से प्राथमिक पाठशाला रूड़ेगा के किचन शेेड और प्राइमरी स्कूल जुंगराहर के भवन की छत उड़ गई। जिला उप शिक्षा अधिकारी चंबा हितेंद्र कुमार ने बताया कि एक स्कूल के किचन शेड और एक स्कूल के भवन की छत को नुकसान पहुंचा है। कहा कि संबंधित खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। कहा कि जिन स्कूलों को नुकसान पहुंचा है, वे नुकसान की रिपोर्ट बनाकर कार्यालय भेजें।
हालांकि, कहीं जानीमाल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीमों को मौके पर भेज कर नुकसान का आकलन तैयार करने के बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, भरमौर-पांगी की ऊंची चोटियों पर चार से पांच इंच ताजा हिमपात हुआ तो वहीं, जिले के निचले क्षेत्रों में बारिश का क्रम बदस्तूूर जारी रहा। भारी बारिश के चलते तीसा में दो, सलूणी और पांगी में एक-एक मार्ग भूस्खलन से यातायात के लिए बंद हो गया। इन सड़कों को दोपहर तक विभाग ने यातायात के लिए बहाल करवाया।
लाहल के पास भू स्खलन से भरमौर-पठानकोट एनएच सुबह छह बजे यातायात के लिए बंद हो गया, जिसे आठ बजे बहाल किया गया। सुबह साढ़े ग्यारह बजे एनएच पर दिनका घार के पास पत्थर और मलबा गिरने से मार्ग बंद हो गया। देखते ही देखते एनएच के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। साढ़े बारह बजे तक विभागीय टीम ने मौके पर पहुंच कर एनएच को यातायात के लिए बहाल करवाया।
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वहीं, मंगलवार को भरमौर की मणिमहेश, कुगति, चौबिया, सुप्पा, बडग्रां, तुदांह, घटोर, क्वारंसी, जालसू चोटियों पर चार इंच ताजा हिमपात हुआ।
जबकि, डलहौजी, बनीखेत, खज्जियार, होली, सलूणी, किहार, सिल्लाघ्राट और साहो में बारिश से ठंड पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गई है।
एनएच के सहायक अभियंता कनव बड़ोतरा ने बताया कि भरमौर-पठानकोट एनएच पर लाहल और दिनका घार में भूस्खलन होने से मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया। सूचना मिलने के बाद इसे लेबर और मशीनरी की मदद से यातायात के लिए बहाल करवाया गया।
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हालांकि, कहीं जानीमाल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीमों को मौके पर भेज कर नुकसान का आकलन तैयार करने के बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, भरमौर-पांगी की ऊंची चोटियों पर चार से पांच इंच ताजा हिमपात हुआ तो वहीं, जिले के निचले क्षेत्रों में बारिश का क्रम बदस्तूूर जारी रहा। भारी बारिश के चलते तीसा में दो, सलूणी और पांगी में एक-एक मार्ग भूस्खलन से यातायात के लिए बंद हो गया। इन सड़कों को दोपहर तक विभाग ने यातायात के लिए बहाल करवाया।
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लाहल के पास भू स्खलन से भरमौर-पठानकोट एनएच सुबह छह बजे यातायात के लिए बंद हो गया, जिसे आठ बजे बहाल किया गया। सुबह साढ़े ग्यारह बजे एनएच पर दिनका घार के पास पत्थर और मलबा गिरने से मार्ग बंद हो गया। देखते ही देखते एनएच के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। साढ़े बारह बजे तक विभागीय टीम ने मौके पर पहुंच कर एनएच को यातायात के लिए बहाल करवाया।
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वहीं, मंगलवार को भरमौर की मणिमहेश, कुगति, चौबिया, सुप्पा, बडग्रां, तुदांह, घटोर, क्वारंसी, जालसू चोटियों पर चार इंच ताजा हिमपात हुआ।
जबकि, डलहौजी, बनीखेत, खज्जियार, होली, सलूणी, किहार, सिल्लाघ्राट और साहो में बारिश से ठंड पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गई है।
एनएच के सहायक अभियंता कनव बड़ोतरा ने बताया कि भरमौर-पठानकोट एनएच पर लाहल और दिनका घार में भूस्खलन होने से मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया। सूचना मिलने के बाद इसे लेबर और मशीनरी की मदद से यातायात के लिए बहाल करवाया गया।