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Chamba News: बर्फ ने राह ढकी, आस्था ने मंजिल दिखाई
Sat, 19 Sep 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:39 PM IST
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त्यारी-होली वाया क्लाह से तीन दिन में मणिमहेश पहुंचे चार श्रद्धालु, राधाष्टमी पर डल में लगाई पवित्र डुबकी
जेल खड्ड में बारिश के कारण रातभर रुका सफर, सुबह फिर बढ़े कदम और कठिन चढ़ाई पार कर पहुंचे मणिमहेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पहाड़ों पर बर्फ की चादर, रास्तों पर बारिश का पहरा और सामने मणिमहेश की कठिन चढ़ाई। ऐसे हालात में भी चार श्रद्धालुओं ने सफर नहीं छोड़ा। त्यारी-होली वाया क्लाह से शुरू हुई यात्रा तीन दिन बाद मणिमहेश डल तक पहुंची। राधाष्टमी के शुभ अवसर पर चारों श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में स्नान कर चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन किए।
दल में पालमपुर निवासी अंकु भट्ट, नागिनी निवासी अभी, होली निवासी अबू और श्याम शामिल रहे। 16 सितंबर को जेल खड्ड के समीप अचानक मौसम बिगड़ गया। लगातार बारिश के चलते आगे बढ़ना मुश्किल हुआ तो श्रद्धालुओं ने वहीं रात बिताने का निर्णय लिया। अगले दिन मौसम कुछ सामान्य हुआ तो अलसुबह फिर यात्रा शुरू कर दी।
इसके बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी ने रास्ते को और कठिन बना दिया। दुर्गम चढ़ाई और बदलते मौसम के बीच दल धीरे-धीरे मणिमहेश की ओर बढ़ता रहा। तीन दिन की मशक्कत के बाद श्रद्धालु डल झील पहुंच गए।
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राधाष्टमी पर डल टूटने की पारंपरिक रस्म पूरी होने के बाद उन्होंने पवित्र डल में स्नान किया और चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
श्रद्धालुओं ने कहा कि मौसम ने कई बार रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन भोलेनाथ के प्रति आस्था ने कदम पीछे नहीं हटने दिए। बारिश और बर्फबारी के बीच पूरा हुआ यह सफर उनके लिए हमेशा याद रहने वाला अनुभव रहेगा।
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जेल खड्ड में बारिश के कारण रातभर रुका सफर, सुबह फिर बढ़े कदम और कठिन चढ़ाई पार कर पहुंचे मणिमहेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पहाड़ों पर बर्फ की चादर, रास्तों पर बारिश का पहरा और सामने मणिमहेश की कठिन चढ़ाई। ऐसे हालात में भी चार श्रद्धालुओं ने सफर नहीं छोड़ा। त्यारी-होली वाया क्लाह से शुरू हुई यात्रा तीन दिन बाद मणिमहेश डल तक पहुंची। राधाष्टमी के शुभ अवसर पर चारों श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में स्नान कर चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन किए।
दल में पालमपुर निवासी अंकु भट्ट, नागिनी निवासी अभी, होली निवासी अबू और श्याम शामिल रहे। 16 सितंबर को जेल खड्ड के समीप अचानक मौसम बिगड़ गया। लगातार बारिश के चलते आगे बढ़ना मुश्किल हुआ तो श्रद्धालुओं ने वहीं रात बिताने का निर्णय लिया। अगले दिन मौसम कुछ सामान्य हुआ तो अलसुबह फिर यात्रा शुरू कर दी।
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इसके बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी ने रास्ते को और कठिन बना दिया। दुर्गम चढ़ाई और बदलते मौसम के बीच दल धीरे-धीरे मणिमहेश की ओर बढ़ता रहा। तीन दिन की मशक्कत के बाद श्रद्धालु डल झील पहुंच गए।
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राधाष्टमी पर डल टूटने की पारंपरिक रस्म पूरी होने के बाद उन्होंने पवित्र डल में स्नान किया और चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
श्रद्धालुओं ने कहा कि मौसम ने कई बार रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन भोलेनाथ के प्रति आस्था ने कदम पीछे नहीं हटने दिए। बारिश और बर्फबारी के बीच पूरा हुआ यह सफर उनके लिए हमेशा याद रहने वाला अनुभव रहेगा।