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Chamba News: छह बच्चों को मुफ्त मिले इंसुलिन पंप
Mon, 03 Nov 2025 04:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 03 Nov 2025 04:47 AM IST
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अब बार-बार इंसुलिन की सूई से होने वाले दर्द से मिलेगी राहत
टांडा, शिमला के बाद चंबा मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। टाइप वन शुगर बीमारी से पीड़ित छह बच्चों को सरकार की तरफ से ढ़ाई लाख की कीमत वाले इंसुलेशन पंप मुफ्त लगवाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में इन बच्चों को यह सुविधा दी गई। इससे पहले जिले में किसी भी बच्चे को यह सुविधा नहीं मिल पाई। अब इन बच्चों को इंसुलिन की सूई का दर्द बार-बार नहीं सहना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि जिन शुगर रोग के मरीजों को दिन में 3-4 बार इंसुलेशन लेनी पड़ती थी, उन्हें इंसुलिन पंप से बड़ी राहत मिली है। इस पंप का मासिक खर्च महीने में छह से सात हजार रुपये आता है। जो कि पूरी तरह से सरकार की तरफ से उठाया जाएगा।
प्रदेश सरकार और नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत बच्चों को यह सुविधा मिली है। शिशु रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार सूर्या ने कहा कि प्रदेश में अभी तक टांडा और शिमला मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा बच्चों को मिल रही थी। अब चंबा मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध हुई है। जो बच्चे इस सुविधा से वंचित हैं , उन्हें भविष्य में इसकी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
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टांडा, शिमला के बाद चंबा मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। टाइप वन शुगर बीमारी से पीड़ित छह बच्चों को सरकार की तरफ से ढ़ाई लाख की कीमत वाले इंसुलेशन पंप मुफ्त लगवाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में इन बच्चों को यह सुविधा दी गई। इससे पहले जिले में किसी भी बच्चे को यह सुविधा नहीं मिल पाई। अब इन बच्चों को इंसुलिन की सूई का दर्द बार-बार नहीं सहना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि जिन शुगर रोग के मरीजों को दिन में 3-4 बार इंसुलेशन लेनी पड़ती थी, उन्हें इंसुलिन पंप से बड़ी राहत मिली है। इस पंप का मासिक खर्च महीने में छह से सात हजार रुपये आता है। जो कि पूरी तरह से सरकार की तरफ से उठाया जाएगा।
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प्रदेश सरकार और नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत बच्चों को यह सुविधा मिली है। शिशु रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार सूर्या ने कहा कि प्रदेश में अभी तक टांडा और शिमला मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा बच्चों को मिल रही थी। अब चंबा मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध हुई है। जो बच्चे इस सुविधा से वंचित हैं , उन्हें भविष्य में इसकी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
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