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छात्रों के अधूरे परीक्षा परिणाम की जिम्मेदार प्रदेश सरकार

Fri, 18 Mar 2016 06:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा)
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा) Updated Fri, 18 Mar 2016 06:42 PM IST
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sfi blame state govt for late result
चंबा कॉलेज में प्रदर्शन करते एसएफआई के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला

चंबा कॉलेज में एसएफआई इकाई ने काला दिवस मनाया। 18 मार्च 2015 में छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में पूरे प्रदेश के कॉलेजों में एसएफआई ने धरने प्रदर्शन किए।

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एसएफआई के जिला अध्यक्ष रोहित ठाकुर ने बताया कि 18 मार्च 2015 को छात्रों ने फीस वृद्धि व रूसा प्रणाली को लेकर विस का घेराव किया था। उस समय छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किया गया था। जिसमें काफी संख्या में छात्र घायल हुए थे। एसएफआई के परिसर सचिव विकास ग्रेवाल ने बताया कि रूसा प्रणाली छात्रों के हित में नहीं है। प्रदेश सरकार ने कॉलेज में रूसा सिस्टम लागू करके छात्रों का भविष्य अंधकार की ओर धकेल दिया है।
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उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एसएफआई रूसा प्रणाली के विरोध में एक उग्र आंदोलन शुरू करेगी ताकि छात्र विरोधी रूसा प्रणाली को जड़ से उखाड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि अगर रूसा के तहत मिलने वाली डिग्री अन्य विवि में मान्य नहीं हुुई तो एसएफआई 18 मार्च 2015 वाली स्थिति प्रदेश सरकार के समक्ष दोबारा खड़ी कर देगी।
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उन्होंने कहा कि कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के परीक्षा परिणाम नहीं आ रहे हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जल्द ही फीस वृद्धि, रूसा प्रणाली, अधूरे परीक्षा परिणाम व रूसा के तहत डिग्री का अन्य विवि में मान्य न होना जैसी समस्याओं को दूर नहीं किया गया तो एसएफआई ने पहले विधानसभा को घेरा था, इस बार पूरे मंत्रिमंडल को घेरा जाएगा। इस मौके पर एसएफआई के सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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