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Chamba News: कन्या और बाल विद्यालय के विलय पर संघ मुखर
Sun, 22 Feb 2026 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 22 Feb 2026 10:26 PM IST
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चंबा। हिमाचल प्रदेश प्रवक्ता संघ की चंबा इकाई की ओर से एक आम सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कन्या और बाल विद्यालय के विलय को लेकर संघ मुखर दिखा। वहीं, कैडर बनाने सहित सीबीएसई अध्यापक पात्रता लागू करने पर आपत्ति जताई है।
सभा की अध्यक्षता प्रवक्ता संघ के राज्य कार्यकारी और जिला अध्यक्ष दीप सिंह खन्ना ने की। सभा का शुभारंभ प्रवक्ता संघ के सचिव राजेश ठाकुर ने किया। सभा में विशाल चौणा, ओम प्रकाश, प्रताप नेगी, विश्व पठानिया, शेखरी और मनोज ने सीबीएसई की कमियों को उजागर करते हुए कन्या विद्यालय और बाल विद्यालय को एकीकृत करने के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया।
उन्होंने अलग कैडर बनाने और सीबीएसई विद्यालयों में अध्यापक पात्रता परीक्षा लागू करने पर भी आपत्ति दर्ज की। इसके बाद पदाधिकारी चतर सिंह ने सीबीएसई के कारण अध्यापकों के बीच उत्पन्न हो रहे भेदभाव पर रोष व्यक्त किया। सुनील मांडला, सुरजीत ठाकुर एवं उमेश ठाकुर ने स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यापकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
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वहीं, राजेश ठाकुर, शौकत अली और सूरज बाली ने संगठन को सशक्त बनाने के लिए सभी सदस्यों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। राजकीय वरिष्ठ बाल माध्यमिक विद्यालय चंबा के कार्यकारी प्रधानाचार्य दीपक ने अध्यापकों के लिए सीबीएसई विद्यालयों के लिए परीक्षा लिए जाने को अनुचित ठहराया।
उधर, दीप सिंह खन्ना ने सरकार से सीबीएसई नीति में आवश्यक संशोधन करने का आग्रह किया और संघ के संविधान पर विस्तार से चर्चा की। अपनी मांगों को मनवाने के लिए सभी सदस्यों को संगठित होकर कार्य करना होगा।
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सभा की अध्यक्षता प्रवक्ता संघ के राज्य कार्यकारी और जिला अध्यक्ष दीप सिंह खन्ना ने की। सभा का शुभारंभ प्रवक्ता संघ के सचिव राजेश ठाकुर ने किया। सभा में विशाल चौणा, ओम प्रकाश, प्रताप नेगी, विश्व पठानिया, शेखरी और मनोज ने सीबीएसई की कमियों को उजागर करते हुए कन्या विद्यालय और बाल विद्यालय को एकीकृत करने के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया।
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उन्होंने अलग कैडर बनाने और सीबीएसई विद्यालयों में अध्यापक पात्रता परीक्षा लागू करने पर भी आपत्ति दर्ज की। इसके बाद पदाधिकारी चतर सिंह ने सीबीएसई के कारण अध्यापकों के बीच उत्पन्न हो रहे भेदभाव पर रोष व्यक्त किया। सुनील मांडला, सुरजीत ठाकुर एवं उमेश ठाकुर ने स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यापकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
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वहीं, राजेश ठाकुर, शौकत अली और सूरज बाली ने संगठन को सशक्त बनाने के लिए सभी सदस्यों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। राजकीय वरिष्ठ बाल माध्यमिक विद्यालय चंबा के कार्यकारी प्रधानाचार्य दीपक ने अध्यापकों के लिए सीबीएसई विद्यालयों के लिए परीक्षा लिए जाने को अनुचित ठहराया।
उधर, दीप सिंह खन्ना ने सरकार से सीबीएसई नीति में आवश्यक संशोधन करने का आग्रह किया और संघ के संविधान पर विस्तार से चर्चा की। अपनी मांगों को मनवाने के लिए सभी सदस्यों को संगठित होकर कार्य करना होगा।