{"_id":"65f1ddbdb576092b510c24c2","slug":"residents-of-villages-of-teesa-panchayat-drinking-muddy-water-chamba-news-c-88-1-ssml1004-120408-2024-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: मटमैला पानी पी रहे तीसा पंचायत के गांवों के बाशिंदे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: मटमैला पानी पी रहे तीसा पंचायत के गांवों के बाशिंदे
Wed, 13 Mar 2024 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 13 Mar 2024 10:39 PM IST
विज्ञापन
मटमैला पानी पी रहे तीसा पंचायत के गांवों के बाशिंदे
लोग बोले - जलजनित रोग या महामारी फैली तो जलशक्ति विभाग होगा जिम्मेदार
कहा- बारिश होने पर दी जाती है मिट्टी युक्त पेयजल की सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
तीसा (चंबा)। ग्राम पंचायत तीसा प्रथम में जरा सी बारिश में लोग मटमैला पानी पीने के लिए विवश हैं। अमरेड़ नाला से तीसा पंचायत के गांवों समेत सिविल अस्पताल के लिए बिछाई गई पेयजल लाइन इसकी मुख्य वजह है। हैरत की बात तो यहां यह है कि नाले से उठाए गए पानी को स्वच्छ करने के लिए फिल्टर बैड तक का निर्माण करवाना जलशक्ति महकमे ने मुनासिब नहीं समझा है। लिहाजा, जरा सी बारिश होने पर लोगों को मटमैला पानी पीना पड़ता है। इसके अलावा यदि लगातार कुछ दिन तक बारिश जारी रहती है तो मिट्टी ही लोगों के घरों में पानी के साथ पहुंचती है। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग को चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में कोई भी जलजनित रोग या महामारी फैलती है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी जलशक्ति विभाग की होगी।
गौर रहे कि तीसा-प्रथम पंचायत के अधीन आते गांव तीसा, बस स्टैंड तीसा, नाल समेत सिविल अस्पताल तीसा में भी पेयजल की आपूर्ति होती है। विभाग की लापरवाही के चलते आज तक यहां फिल्टर बैड तक स्थापित नहीं हो पाया है। सीधे नाले से पाइप के जरिये टैंक में पानी डाला गया है। नाले से लेकर टैंक तक बीच में कहीं भी फिल्टर बैड नहीं है। लिहाजा, स्वच्छ पानी मुहैया करवाने को लेकर विभागीय और सरकार के दावे फेल होते ही क्षेत्र में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों में सुरेश कुमार, खेमराज, लाल चंद, नारायण सिंह, दलीप कुमार, सुरेंद्र कुमार, अमित कुमार, किशन चंद, मनोज कुमार, दलीप चंद और टेक चंद ने जलशक्ति विभाग से मांग की है कि उक्त लाइन पर जल्द फिल्टर बैड स्थापित करवाए जाएं और नाले में अन्यत्र से पाइपलाइन डालकर पानी आगे पहुंचा जाए।
--
जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता विवेक डोगरा ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। ग्रामीणों की मांग के आधार पर कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेज कर वस्तुस्थिति का जायजा लेकर उचित कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लोग बोले - जलजनित रोग या महामारी फैली तो जलशक्ति विभाग होगा जिम्मेदार
कहा- बारिश होने पर दी जाती है मिट्टी युक्त पेयजल की सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
तीसा (चंबा)। ग्राम पंचायत तीसा प्रथम में जरा सी बारिश में लोग मटमैला पानी पीने के लिए विवश हैं। अमरेड़ नाला से तीसा पंचायत के गांवों समेत सिविल अस्पताल के लिए बिछाई गई पेयजल लाइन इसकी मुख्य वजह है। हैरत की बात तो यहां यह है कि नाले से उठाए गए पानी को स्वच्छ करने के लिए फिल्टर बैड तक का निर्माण करवाना जलशक्ति महकमे ने मुनासिब नहीं समझा है। लिहाजा, जरा सी बारिश होने पर लोगों को मटमैला पानी पीना पड़ता है। इसके अलावा यदि लगातार कुछ दिन तक बारिश जारी रहती है तो मिट्टी ही लोगों के घरों में पानी के साथ पहुंचती है। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग को चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में कोई भी जलजनित रोग या महामारी फैलती है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी जलशक्ति विभाग की होगी।
गौर रहे कि तीसा-प्रथम पंचायत के अधीन आते गांव तीसा, बस स्टैंड तीसा, नाल समेत सिविल अस्पताल तीसा में भी पेयजल की आपूर्ति होती है। विभाग की लापरवाही के चलते आज तक यहां फिल्टर बैड तक स्थापित नहीं हो पाया है। सीधे नाले से पाइप के जरिये टैंक में पानी डाला गया है। नाले से लेकर टैंक तक बीच में कहीं भी फिल्टर बैड नहीं है। लिहाजा, स्वच्छ पानी मुहैया करवाने को लेकर विभागीय और सरकार के दावे फेल होते ही क्षेत्र में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों में सुरेश कुमार, खेमराज, लाल चंद, नारायण सिंह, दलीप कुमार, सुरेंद्र कुमार, अमित कुमार, किशन चंद, मनोज कुमार, दलीप चंद और टेक चंद ने जलशक्ति विभाग से मांग की है कि उक्त लाइन पर जल्द फिल्टर बैड स्थापित करवाए जाएं और नाले में अन्यत्र से पाइपलाइन डालकर पानी आगे पहुंचा जाए।
विज्ञापन
जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता विवेक डोगरा ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। ग्रामीणों की मांग के आधार पर कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेज कर वस्तुस्थिति का जायजा लेकर उचित कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन