फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Permanent policy should be made for outsourced personnel

Chamba News: आउटसोर्स कर्मियों के लिए बनाई जाए स्थायी नीति

Tue, 04 Apr 2023 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Tue, 04 Apr 2023 10:51 PM IST
विज्ञापन
Permanent policy should be made for outsourced personnel
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा से निकाले 150 आउटसोर्स कर्मचारी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के मौखिक फरमानों से तल्ख हो उठे हैं। आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आउटसोर्स कर्मी उपायुक्त से मिले। उन्होंने उपायुक्त डीसी राणा के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर उनके लिए स्थायी नीति बनाने और कम से कम एक वर्ष का ड्यूटी विस्तार प्रदान करने की मांग की है।
विज्ञापन

आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ चंबा के अध्यक्ष ललित शर्मा, सचिव विजय, महिला विंग की अध्यक्ष रीना ठाकुर, उपप्रधान रीता कुमारी आदि ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा से कोरोना काल में रखी गईं स्टाफ नर्सें, लैब तकनीशियनों और कर्मचारियों को मौखिक तौर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने निर्देश देकर मंगलवार से ड्यूटी पर न आने के निर्देश दिए गए जो कदापि न्यायोचित नहीं है। बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तानाशाही का रवैया अपना रहा है। उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री से मांग की है कि कर्मचारियों को शीघ्र काम पर वापस रखा जाए। क्योंकि इन कर्मचारियों ने उस समय काम किया है जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को छूने से भी डरता था।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज से निकाले गए आउटसोर्स कर्मचारियों अजहर शेख, सुनील कुमार, अर्शा बडोतरा, सीमा सेठी, पूजा, वनिता, कुलसुुमा, काजल, मीना, कानन, सिखा, मंजुला, किरण आदि ने बताया कि वैश्विक महामारी के दौरान जहां लोग अपने घरों में कैद रहे तब वे अपने बच्चों और परिवार को छोड़ कर सेवाएं देने के लिए 24 घंटे तैनात रहे। अब कोरोना काल खत्म होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है जो सही नहीं है। सरकार से मांग है कि सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को डयूटी पर दोबारा बुलाया जाए। साथ ही हर माह उन्हें नौकरी जाने का भय लगा रहता है। सरकार को चाहिए कि तीन-तीन माह का ड्यूटी विस्तार देने के बजाय सरकार उन्हें एक वर्ष का ड्यूटी विस्तार दे। कहा कि नौकरी छिनने से उनके परिवारों पर आर्थिक संकट के बादल छा गए हैं। कहा कि 2020 में महामारी के दौरान उनकी सेवाएं ली गईं। बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हुआ है तो इसके बारे में उन्हें कोई भी लिखित में आदेश नहीं मिले हैं। बावजूद इसके सोमवार को घर जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed