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भरमौर बीडीसी की बैठक से सदस्यों का वाकआउट
अमर उजाला चंबा
Updated Fri, 24 Jun 2016 10:29 PM IST
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भरमौर में बीडीसी की दूसरी बैठक में भी अधिकारी नहीं पहुंचे । इससे नाराज बीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत सभी सदस्यों ने बैठक से वाकआउट कर दिया। बीडीसी पदाधिकारियों और सदस्यों ने चेतावनी दी है कि अगली बैठक में भी अधिकारी नहीं पहुंचे तो वे सामूहिक रूप से त्यागपत्र दे देंगे।
वॉकआउट के बाद पत्रकारों से बातचीत में बीडीसी अध्यक्ष नीलम ठाकुर ने बताया कि बीडीसी के गठन के बाद भरमौर में दो बैठकें हो चुकी हैं। पहली बैठक में 28 विभागों में से सिर्फ पांच के ही नुमांइदे पहुंचे थे, जबकि दूसरी बैठक में ग्यारह प्रतिनिधियों ने हाजिरी लगाई है। उन्होंने कहा कि भरमौर के लोगों की जमीनी स्तर पर बहुत सी समस्याएं हैं। जिनका समाधान बिना अधिकारियों के हस्तक्षेप से नहीं हो सकता है। वे अपनी समस्या अधिकारियों से साझा करना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी लगातार बैठकों से गैरहाजिर रह रहे हैं। बीडीसी की दो बैठकें अधिकारियों की गैरहाजिरी की वजह से बेकार हो चुकी हैं।
शुक्रवार को रखी गई बैठक में खंड विकास अधिकारी भी मौजूद नहीं थे। उन्होंने बताया कि अगली बैठक पांच जुलाई को तय की गई है और इस दिन भी अधिकारी गैरहाजिर रहे तो वे खुद और सभी बीडीसी सदस्य अपना त्यागपत्र एसडीएम को सौंप देंगे। उन्होंने कहा कि भरमौर में काम करने के लिए कुछ ही महीने मिलते हैं। अधिकारियों की गैरहाजिरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी से भी आह्वान किया है कि वे सभी अधिकारियों को बैठक में आने का निर्देश दें, ताकि भरमौर के ग्रामीण विकास की रूपरेखा तय हो सके। ऐसी कई योजनाएं हैं जो जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इस मौके पर बीडीसी अध्यक्ष नीलम ठाकुर, उपाध्यक्ष अरुण कुमार सहित सदस्य कुंज लाल, रोहित कुमार, सत्या देवी, डुमणू राम, रीना देवी, अरुण कुमार, सोहन लाल, रितु देवी, प्रवीना देवी, सपना, आरती मौजूद थे।
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वॉकआउट के बाद पत्रकारों से बातचीत में बीडीसी अध्यक्ष नीलम ठाकुर ने बताया कि बीडीसी के गठन के बाद भरमौर में दो बैठकें हो चुकी हैं। पहली बैठक में 28 विभागों में से सिर्फ पांच के ही नुमांइदे पहुंचे थे, जबकि दूसरी बैठक में ग्यारह प्रतिनिधियों ने हाजिरी लगाई है। उन्होंने कहा कि भरमौर के लोगों की जमीनी स्तर पर बहुत सी समस्याएं हैं। जिनका समाधान बिना अधिकारियों के हस्तक्षेप से नहीं हो सकता है। वे अपनी समस्या अधिकारियों से साझा करना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी लगातार बैठकों से गैरहाजिर रह रहे हैं। बीडीसी की दो बैठकें अधिकारियों की गैरहाजिरी की वजह से बेकार हो चुकी हैं।
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शुक्रवार को रखी गई बैठक में खंड विकास अधिकारी भी मौजूद नहीं थे। उन्होंने बताया कि अगली बैठक पांच जुलाई को तय की गई है और इस दिन भी अधिकारी गैरहाजिर रहे तो वे खुद और सभी बीडीसी सदस्य अपना त्यागपत्र एसडीएम को सौंप देंगे। उन्होंने कहा कि भरमौर में काम करने के लिए कुछ ही महीने मिलते हैं। अधिकारियों की गैरहाजिरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी से भी आह्वान किया है कि वे सभी अधिकारियों को बैठक में आने का निर्देश दें, ताकि भरमौर के ग्रामीण विकास की रूपरेखा तय हो सके। ऐसी कई योजनाएं हैं जो जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इस मौके पर बीडीसी अध्यक्ष नीलम ठाकुर, उपाध्यक्ष अरुण कुमार सहित सदस्य कुंज लाल, रोहित कुमार, सत्या देवी, डुमणू राम, रीना देवी, अरुण कुमार, सोहन लाल, रितु देवी, प्रवीना देवी, सपना, आरती मौजूद थे।
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