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चंबा में ईद पर दिया अमन और भाईचारे का संदेश
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जिला मुख्यालय में ईद उल अजहा के मौके पर नमाज अता करते मुस्लिम समुदाय के लोग।
- फोटो : Chamba
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चंबा। जिले के विभिन्न इलाकों में ईद-उल अजहा का त्योहार धूमधाम सेे मनाया गया। नमाज अदा कर समुदाय के लोगों ने अमन और भाईचारे का पैगाम दिया। जिला मुख्यालय में जहां पांच नंबर चौगान में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर नमाज अदा की तो वहीं दूसरी तरफ जिले के अन्य इलाके तेलका, मंजीर और भलेई में भी यह त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया।
तेलका के मौलवी बशीर मुहम्मद ने लोगों को ईद की नमाज अदा करवाई। ईद नमाज के बाद उन्होंने ईद-उल अजहा का खुतबा सुनाया। उन्होंने बताया कि पैगांबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्लाम को ख्वाब पड़ा था कि वह अपनी सबसे प्यारी चीज को अल्लाह की राह में कुर्बान कर दें। इस हुक्म का पालन करते हुए हजरत इब्राहिम अलैहिस्लाम ने अपने बेटे हजरत खलील को अल्लाह की राह में कुर्बान करने की सोची। जैसे ही वह अपने बेटे को कुर्बान करने के लिए तैयार हुए तो अल्लाह का चमत्कार हुआ। उसके बेटे की जगह एक दुम्बा (बकरा) कुर्बान हो गया।
इसकी याद में प्रतिवर्ष ईद-उल अजहा का त्योहार मनाया जाता है। भलेई के साल्ला गांव में भी ईद की नमाज अदा करवाई गई। नमाज भलेई के मौलवी नजीर मुहम्मद ने नमाज अदा करवाई।
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तेलका के मौलवी बशीर मुहम्मद ने लोगों को ईद की नमाज अदा करवाई। ईद नमाज के बाद उन्होंने ईद-उल अजहा का खुतबा सुनाया। उन्होंने बताया कि पैगांबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्लाम को ख्वाब पड़ा था कि वह अपनी सबसे प्यारी चीज को अल्लाह की राह में कुर्बान कर दें। इस हुक्म का पालन करते हुए हजरत इब्राहिम अलैहिस्लाम ने अपने बेटे हजरत खलील को अल्लाह की राह में कुर्बान करने की सोची। जैसे ही वह अपने बेटे को कुर्बान करने के लिए तैयार हुए तो अल्लाह का चमत्कार हुआ। उसके बेटे की जगह एक दुम्बा (बकरा) कुर्बान हो गया।
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इसकी याद में प्रतिवर्ष ईद-उल अजहा का त्योहार मनाया जाता है। भलेई के साल्ला गांव में भी ईद की नमाज अदा करवाई गई। नमाज भलेई के मौलवी नजीर मुहम्मद ने नमाज अदा करवाई।
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