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नगर परिषद की अधिसूचना पर अंकित थी ईपीएफ की शर्तः अंजलि
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा)
Updated Sat, 07 May 2016 10:24 PM IST
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नगर परिषद चंबा में ईपीएफ और सेल टैक्स विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ईपीएफ पर करीब साढ़े पांच लाख रुपये का नुकसान उठाने का दावा करते हुए टेंडर रोकने वाली नगर परिषद के खिलाफ पार्षद ने फिर आरोपों की झड़ी लगा दी है।
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चौगान वार्ड की पार्षद अंजलि मल्होत्रा का कहना है कि नगर परिषद ने ऑनलाइन सफाई के टेंडर लगाए थे। जिसमें से एक टेंडर के लिए दो फर्मों ने आवेदन किए। जबकि दूसरे टेंडर के लिए सिर्फ एक ही फर्म का आवेदन आया। उन्होंने बताया कि नगर परिषद में इन टेंडरों की छानबीन की गई और इन्हें ईपीएफ और सेल टैक्स के नाम पर रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि जब ऑनलाइन टेंडर मांगे गए थे तो उस समय जारी अधिसूचना में यह साफ लिखा गया था कि वो ही ठेकेदार टेंडर के लिए मान्य होगा जिसके पास ईपीएफ कोड हो।
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ऐसे में टेंडर जांचने के बाद यह तय किया जाए कि यदि आवेदक फर्म ईपीएफ के नियम पूरा नहीं करती है तो उसे टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाए। लेकिन आवेदक फर्म इस शर्त पर खरा उतरती है तो उसे टेंडर जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि चहेते को फायदा दिलाने की कोशिश की जा रही है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला पार्षदों के पति ठेकेदार बने हैं और उनका रोजाना नगर परिषद में आना-जाना लगा हुआ है।
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बिना ईपीएफ कोड के टेंडर नहीं होंगे : नीलम
इस संबंध में नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पर हाउस निर्णय ले सकता है। लेकिन बिना ईपीएफ कोड के किसी भी ठेकेदार को टेंडर जारी नहीं होंगे। मुख्य नियोक्ता होने के नाते नगर परिषद पूर्व में भी ठेकेदारों की वजह से लाखों रुपये का नुकसान झेल चुकी है। जो शर्तों को पूरा नहीं करेगा उसे नगर परिषद ठेका नहीं देगी।