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Chamba News: मणिमहेश यात्रा... इस बार चंबा से हेलिकाप्टर में उड़ान भर सकेंगे शिवभक्त
Thu, 18 Jul 2024 10:10 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 18 Jul 2024 10:10 PM IST
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भरमौर (चंबा)। जिला मुख्यालय चंबा के सुल्तानपुर स्थित हेलीपैड से भरमौर के लिए शिवभक्तों को हेलिकाप्टर सेवा का लाभ मिल सकता है। इससे आगे भरमौर से गौरीकुंड के लिए भी पहले की तरह हेलिकाप्टर सेवा का प्रावधान होगा।
पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुविधा के लिए भरमौर प्रशासन ने हेलिकाप्टर सेवा के टेंडर के लिए इस प्रकार की शर्त भी रखी है। लिहाजा, अब 22 जुलाई को टेंडर खुलने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा कि क्या चंबा से भी शिवभक्तों को हेलिकाप्टर सेवा का लाभ मिलेगा या नहीं। पवित्र मणिमहेश यात्रा पर लाखों की संख्या में देश के कोने-कोने से शिवभक्त पहुंचते हैं।
जिला मुख्यालय चंबा से अभी तक शिवभक्त बसों, टैक्सियों, निजी या दो पहिया वाहनों से हड़सर तक पहुंचते हैं। यहां से आगे 13 किलोमीटर के पैदल ट्रैक को पार कर पवित्र मणिमहेश डल में जाकर पवित्र डुबकी लगाते हैं। 13 किलोमीटर के पैदल ट्रैक में कई विघम जगह खड़ी चढ़ाई यात्रियों की परीक्षा लेती है। ऐसे में शिवभक्तों की सुविधा के लिए भरमौर प्रशासन ने चंबा से भरमौर और भरमौर से गौरीकुंड तक हेलिकाप्टर सेवा का लाभ देने की योजना बनाई है। पवित्र मणिमहेश यात्रा 26 अगस्त से 11 सितंबर तक होगी। हेलिकाप्टर सेवा के जरिये 8 अगस्त से शिवभक्त एडवांस बुकिंग करवा सकते हैं। जनजातीय विकास मंत्री जगत नेगी ने शिमला में हुई बैठक में मणिमहेश यात्रा शुरू होने से पहले लोक निर्माण विभाग और हाईवे प्रबंधन को सड़क और हाईवे को चकाचक करने के निर्देश दिए हैं।
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हडसर से पवित्र मणिमहेश डल झील तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्रियों को 13 किलोमीटर की चढ़ाई तय करनी पड़ती है। इसमें धनछौ, सुंदरासी, गौरीकुंड और पवित्र डल झील मुख्य पड़ाव पड़ते हैं।
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कार्यवाहक एडीएम कुलवीर सिंह ने बताया कि चंबा से भरमौर और भरमौर से गौरीकुंड के लिए दो-दो हेलिकाप्टर की सेवा शिवभक्तों की सुविधा के लिए शुरू करने की शर्त टेंडर में अंकित की गई है। मंत्री ने शिमला में हुई बैठक में पीडब्ल्यूडी और हाईवे प्रबंधन को यात्रा से पूर्व मुख्य मार्ग और हाईवे को चकाचक करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन यात्रा की तैयारियों को लेकर योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है।
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पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुविधा के लिए भरमौर प्रशासन ने हेलिकाप्टर सेवा के टेंडर के लिए इस प्रकार की शर्त भी रखी है। लिहाजा, अब 22 जुलाई को टेंडर खुलने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा कि क्या चंबा से भी शिवभक्तों को हेलिकाप्टर सेवा का लाभ मिलेगा या नहीं। पवित्र मणिमहेश यात्रा पर लाखों की संख्या में देश के कोने-कोने से शिवभक्त पहुंचते हैं।
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जिला मुख्यालय चंबा से अभी तक शिवभक्त बसों, टैक्सियों, निजी या दो पहिया वाहनों से हड़सर तक पहुंचते हैं। यहां से आगे 13 किलोमीटर के पैदल ट्रैक को पार कर पवित्र मणिमहेश डल में जाकर पवित्र डुबकी लगाते हैं। 13 किलोमीटर के पैदल ट्रैक में कई विघम जगह खड़ी चढ़ाई यात्रियों की परीक्षा लेती है। ऐसे में शिवभक्तों की सुविधा के लिए भरमौर प्रशासन ने चंबा से भरमौर और भरमौर से गौरीकुंड तक हेलिकाप्टर सेवा का लाभ देने की योजना बनाई है। पवित्र मणिमहेश यात्रा 26 अगस्त से 11 सितंबर तक होगी। हेलिकाप्टर सेवा के जरिये 8 अगस्त से शिवभक्त एडवांस बुकिंग करवा सकते हैं। जनजातीय विकास मंत्री जगत नेगी ने शिमला में हुई बैठक में मणिमहेश यात्रा शुरू होने से पहले लोक निर्माण विभाग और हाईवे प्रबंधन को सड़क और हाईवे को चकाचक करने के निर्देश दिए हैं।
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हडसर से पवित्र मणिमहेश डल झील तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्रियों को 13 किलोमीटर की चढ़ाई तय करनी पड़ती है। इसमें धनछौ, सुंदरासी, गौरीकुंड और पवित्र डल झील मुख्य पड़ाव पड़ते हैं।
कार्यवाहक एडीएम कुलवीर सिंह ने बताया कि चंबा से भरमौर और भरमौर से गौरीकुंड के लिए दो-दो हेलिकाप्टर की सेवा शिवभक्तों की सुविधा के लिए शुरू करने की शर्त टेंडर में अंकित की गई है। मंत्री ने शिमला में हुई बैठक में पीडब्ल्यूडी और हाईवे प्रबंधन को यात्रा से पूर्व मुख्य मार्ग और हाईवे को चकाचक करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन यात्रा की तैयारियों को लेकर योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है।