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बर्फबारी के बाद पटरी पर नहीं लौटा जनजीवन
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खज्जियार मार्ग से बर्फ हटाते कर्मचारी।
- फोटो : Chamba
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चंबा। भारी बर्फबारी के बाद मौसम तो खुल गया है लेकिन, लोगों के लिए राहत नहीं दे पाया है। आलम यह है कि भरमौर-पठानकोट एनएच पर खड़ामुख से आगे भरमौर तक ग्रामीणों को बस सुविधा नसीब नहीं हो रही है।
एनएच पर भारी फिसलन है। विभाग ने फिसलन रोकने के लिए अपने स्तर पर मिट्टी, रेत और नमक तक फिंकवाया लेकिन, ये उपाय भी कारगर साबित नहीं हो पाए हैं। ऐसे में लोग मीलों पैदल सफर तय कर अपने घरों तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं। वहीं, जिले में 36 ट्रांसफार्मर, 13 पेयजल स्कीमें और पांच मार्ग यातायात के लिए बाधित पड़े हैं, जिन्हें सुचारु करने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारी डटे हुए हैं।
गौरतलब है कि कबायली क्षेत्रों सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने लोगों सहित अधिकारियों की मुश्किलों को भी बढ़ा दिया है। बर्फबारी के चलते कई गांव 10-12 दिन से अंधेरे में डूबे हुए हैं। ग्रामीणों के मोबाइल फोन चार्ज न होने से शोपीस बने हुए हैं। वहीं, लाइनों को दुरुस्त करने के लिए मीलों पैदल सफर तय कर आवाजाही करने पर भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है।
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दो से चार फीट तक बर्फबारी के बीच कर्मचारी वर्ग भी जान की परवाह किए बगैर कार्य को अंजाम देने में डटे हुए हैं। कबायली क्षेत्र भरमौर में 35 और पांगी में एक ट्रांसफार्मर बंद होने से दर्जनों गांव अंधेरे में हैं। वहीं, भरमौर में 11, पांगी और तीसा में 1-1 पेयजल स्कीमें प्रभावित होने से लोग मीलों दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोत और नालों से पीने का पानी लाने के लिए मजबूर हैं।
एडीएम अमित मेहरा ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण दिक्कत हो रही है। कहा कि कर्मी दिन-रात बंद सेवाओं को बहाल करने के कार्य में डटे हुए हैं। जल्द व्यवस्थाएं बहाल होंगी।
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एनएच पर भारी फिसलन है। विभाग ने फिसलन रोकने के लिए अपने स्तर पर मिट्टी, रेत और नमक तक फिंकवाया लेकिन, ये उपाय भी कारगर साबित नहीं हो पाए हैं। ऐसे में लोग मीलों पैदल सफर तय कर अपने घरों तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं। वहीं, जिले में 36 ट्रांसफार्मर, 13 पेयजल स्कीमें और पांच मार्ग यातायात के लिए बाधित पड़े हैं, जिन्हें सुचारु करने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारी डटे हुए हैं।
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गौरतलब है कि कबायली क्षेत्रों सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने लोगों सहित अधिकारियों की मुश्किलों को भी बढ़ा दिया है। बर्फबारी के चलते कई गांव 10-12 दिन से अंधेरे में डूबे हुए हैं। ग्रामीणों के मोबाइल फोन चार्ज न होने से शोपीस बने हुए हैं। वहीं, लाइनों को दुरुस्त करने के लिए मीलों पैदल सफर तय कर आवाजाही करने पर भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है।
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दो से चार फीट तक बर्फबारी के बीच कर्मचारी वर्ग भी जान की परवाह किए बगैर कार्य को अंजाम देने में डटे हुए हैं। कबायली क्षेत्र भरमौर में 35 और पांगी में एक ट्रांसफार्मर बंद होने से दर्जनों गांव अंधेरे में हैं। वहीं, भरमौर में 11, पांगी और तीसा में 1-1 पेयजल स्कीमें प्रभावित होने से लोग मीलों दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोत और नालों से पीने का पानी लाने के लिए मजबूर हैं।
एडीएम अमित मेहरा ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण दिक्कत हो रही है। कहा कि कर्मी दिन-रात बंद सेवाओं को बहाल करने के कार्य में डटे हुए हैं। जल्द व्यवस्थाएं बहाल होंगी।