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Chamba News: चमेरा-2 पावर प्रोजेक्ट से प्रभावित पंचायतों को लाडा में करें शामिल
Fri, 24 Oct 2025 09:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 24 Oct 2025 09:49 PM IST
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चंबा। बचत भवन चंबा में दिशा की बैठक लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई। इसमें चमेरा-2 पावर प्रोजेक्ट से प्रभावित पंचायतों के ग्रामीणों ने उन्हें लोकल एरिया डेवलपमेंट प्लान (लाडा) में शामिल करने की मांग की है।
ग्रामीण अमर सिंह, दलीप कुमार, नारायण सिंह, योगराज, राकेश कुमार और प्रदीप कुमार ने बताया कि वर्ष 2005 में चमेरा-2 पावर प्रोजेक्ट के क्रियान्वित होने से करियां, रजेरा, गागला, कुठेड़, जांघी, गुराड़ और डुलाड़ा पंचायतें प्रभावित हुई हैं। इसमें न केवल लोगों की जमीन गई बल्कि आज भी जगहें जमीन धंस रही है। गुराड़ में तो स्थिति चिंताजनक है। लोग सालों से इंतजार कर रहे है कि कब उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। वे बार-बार प्रशासन के दरवाजे खटखटाकर भी थक चुके हैं। अब उन्हें में लाडा में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें राहत कार्याें के लिए मदद मिल सके।
इसके अलावा बैठक में सरैना-कुटी मार्ग पर बस सेवा आरंभ करने की मांग की गई। वहीं, संपर्क मार्ग चुल्ला से साहलुई पर कीड़ी नाला पर पुल निर्माण करने और इस सड़क को नाबार्ड या सीआरएफ योजना में शामिल की मांग की। ग्रामीणों के मुताबिक राख से सरेना कुटी सड़क काफी समय से बनकर तैयार हो चुकी है। बावजूद इसके अभी तक मार्ग पर बस सेवा का अभाव है। बस सेवा आरंभ होने से ग्रामीणों को आवाजाही करने में बड़ी राहत मिलेगी।
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वहीं, जिप सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि उनके जिला परिषद वार्ड के तहत आती ग्राम पंचायत कीड़ी, गुवाड़ और सराहन पंचायतों को जोड़ने के लिए सड़क का सर्वे किया गया है। इसका नाम संपर्क मार्ग चुल्ला से साहलुई कीड़ी नाला पुल है। सड़क और पुल बनने से तीन पंचायतों के हजारों की आबादी समेत किसानों को भी राहत मिलेगी। सड़क बनाने से अधिक खर्च पुल निर्माण पर होगा। इसलिए इस सड़क को नाबार्ड या सीआरएफ योजना में शामिल किया जाए।
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ग्रामीण अमर सिंह, दलीप कुमार, नारायण सिंह, योगराज, राकेश कुमार और प्रदीप कुमार ने बताया कि वर्ष 2005 में चमेरा-2 पावर प्रोजेक्ट के क्रियान्वित होने से करियां, रजेरा, गागला, कुठेड़, जांघी, गुराड़ और डुलाड़ा पंचायतें प्रभावित हुई हैं। इसमें न केवल लोगों की जमीन गई बल्कि आज भी जगहें जमीन धंस रही है। गुराड़ में तो स्थिति चिंताजनक है। लोग सालों से इंतजार कर रहे है कि कब उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। वे बार-बार प्रशासन के दरवाजे खटखटाकर भी थक चुके हैं। अब उन्हें में लाडा में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें राहत कार्याें के लिए मदद मिल सके।
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इसके अलावा बैठक में सरैना-कुटी मार्ग पर बस सेवा आरंभ करने की मांग की गई। वहीं, संपर्क मार्ग चुल्ला से साहलुई पर कीड़ी नाला पर पुल निर्माण करने और इस सड़क को नाबार्ड या सीआरएफ योजना में शामिल की मांग की। ग्रामीणों के मुताबिक राख से सरेना कुटी सड़क काफी समय से बनकर तैयार हो चुकी है। बावजूद इसके अभी तक मार्ग पर बस सेवा का अभाव है। बस सेवा आरंभ होने से ग्रामीणों को आवाजाही करने में बड़ी राहत मिलेगी।
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वहीं, जिप सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि उनके जिला परिषद वार्ड के तहत आती ग्राम पंचायत कीड़ी, गुवाड़ और सराहन पंचायतों को जोड़ने के लिए सड़क का सर्वे किया गया है। इसका नाम संपर्क मार्ग चुल्ला से साहलुई कीड़ी नाला पुल है। सड़क और पुल बनने से तीन पंचायतों के हजारों की आबादी समेत किसानों को भी राहत मिलेगी। सड़क बनाने से अधिक खर्च पुल निर्माण पर होगा। इसलिए इस सड़क को नाबार्ड या सीआरएफ योजना में शामिल किया जाए।