{"_id":"6a299a0a2c3c49e43d099e12","slug":"in-the-city-today-chamba-news-c-88-1-cmb1002-186199-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: शिकायतों पर 80 मकानों का दोबारा किया गृहकर सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: शिकायतों पर 80 मकानों का दोबारा किया गृहकर सर्वे
Wed, 10 Jun 2026 10:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 10 Jun 2026 10:38 PM IST
विज्ञापन
शहर के कुछ वार्डों गृहकर सर्वे के दौरान सामने आईं त्रुटियों के बाद नप ने दोबारा शुरू किया अभियान
लोगों ने दर्ज करवाई थीं अधिक गृहकर आने, गलत एंट्री और मोबाइल पर टैक्स मैसेज न मिलने की शिकायतें
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नगर परिषद के तहत कुछ वार्डों में गृहकर सर्वे के दौरान सामने आईं त्रुटियों के बाद नप ने दोबारा सर्वे शुरू कर दिया है। अब तक करीब 80 मकानों का दोबारा सर्वे पूरा किया जा चुका है।
कई लोगों ने अधिक गृहकर आने, गलत एंट्री और मोबाइल पर टैक्स मैसेज न मिलने की शिकायतें दर्ज करवाई थीं। गौरतलब है कि नगर परिषद चंबा ने शिमला निदेशालय की विशेष टीम के सहयोग से शहर के सभी 11 वार्डों में पहले ड्रोन आधारित सर्वे करवाया था। इसके बाद फील्ड टीमों ने डोर-टू-डोर जाकर मकानों की नपाई की। इस दौरान भवन के क्षेत्रफल, निर्माण प्रकार और उपयोग के आधार पर गृहकर का निर्धारण किया गया। ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा अपलोड होने के बाद जब गृहकर की सूचना मोबाइल पर भेजी गई तो कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आईं। कुछ मामलों में मकानमालिकों के मोबाइल नंबर गलत दर्ज पाए गए जबकि कुछ को कोई मैसेज ही नहीं मिला। कई लोगों ने गृहकर की राशि अधिक आने की शिकायत की जो 500 से लेकर एक लाख रुपये तक बताई जा रही है। हालांकि, हरदासपुरा वार्ड में सर्वे कार्य आंशिक रूप से ही पूरा हो पाया था। इस पर स्थानीय लोगों और पूर्व पार्षद ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद नगर परिषद ने निर्णय लिया कि वार्ड के शेष हिस्से में भी पुनः सर्वे कर सभी मकानों को शामिल किया जाएगा। अब तक लगभग 80 मकानों का दोबारा सर्वे पूरा किया जा चुका है। इनमें वे मामले शामिल हैं जिनमें या तो गृहकर गणना में त्रुटि पाई गई या मोबाइल नंबर एंट्री में गलती दर्ज हुई थी। शेष मामलों का सर्वे कार्य अभी भी फील्ड स्तर पर जारी है।
इनसेट
नगर परिषद के तहत आते वार्डो में सपड़ी, चौगान, हरदापसपुरा, चौंतड़ा, हटनाला, जनसाली, सुराड़ा, धड़ोग, कसाकड़ा, सुल्तानपुर, जुलाहकड़ी शामिल हैं। जिसके तहत लगभग छह हजार मकान मालिक हैं।
विज्ञापन
--
नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि गृहकर सर्वे को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुनः सर्वे करवाया जा रहा है ताकि सभी त्रुटियों को सुधारा जा सके और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि टीम लगातार क्षेत्र में कार्य कर रही है।
--
विज्ञापन
लोगों ने दर्ज करवाई थीं अधिक गृहकर आने, गलत एंट्री और मोबाइल पर टैक्स मैसेज न मिलने की शिकायतें
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नगर परिषद के तहत कुछ वार्डों में गृहकर सर्वे के दौरान सामने आईं त्रुटियों के बाद नप ने दोबारा सर्वे शुरू कर दिया है। अब तक करीब 80 मकानों का दोबारा सर्वे पूरा किया जा चुका है।
कई लोगों ने अधिक गृहकर आने, गलत एंट्री और मोबाइल पर टैक्स मैसेज न मिलने की शिकायतें दर्ज करवाई थीं। गौरतलब है कि नगर परिषद चंबा ने शिमला निदेशालय की विशेष टीम के सहयोग से शहर के सभी 11 वार्डों में पहले ड्रोन आधारित सर्वे करवाया था। इसके बाद फील्ड टीमों ने डोर-टू-डोर जाकर मकानों की नपाई की। इस दौरान भवन के क्षेत्रफल, निर्माण प्रकार और उपयोग के आधार पर गृहकर का निर्धारण किया गया। ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा अपलोड होने के बाद जब गृहकर की सूचना मोबाइल पर भेजी गई तो कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आईं। कुछ मामलों में मकानमालिकों के मोबाइल नंबर गलत दर्ज पाए गए जबकि कुछ को कोई मैसेज ही नहीं मिला। कई लोगों ने गृहकर की राशि अधिक आने की शिकायत की जो 500 से लेकर एक लाख रुपये तक बताई जा रही है। हालांकि, हरदासपुरा वार्ड में सर्वे कार्य आंशिक रूप से ही पूरा हो पाया था। इस पर स्थानीय लोगों और पूर्व पार्षद ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद नगर परिषद ने निर्णय लिया कि वार्ड के शेष हिस्से में भी पुनः सर्वे कर सभी मकानों को शामिल किया जाएगा। अब तक लगभग 80 मकानों का दोबारा सर्वे पूरा किया जा चुका है। इनमें वे मामले शामिल हैं जिनमें या तो गृहकर गणना में त्रुटि पाई गई या मोबाइल नंबर एंट्री में गलती दर्ज हुई थी। शेष मामलों का सर्वे कार्य अभी भी फील्ड स्तर पर जारी है।
विज्ञापन
इनसेट
नगर परिषद के तहत आते वार्डो में सपड़ी, चौगान, हरदापसपुरा, चौंतड़ा, हटनाला, जनसाली, सुराड़ा, धड़ोग, कसाकड़ा, सुल्तानपुर, जुलाहकड़ी शामिल हैं। जिसके तहत लगभग छह हजार मकान मालिक हैं।
विज्ञापन
नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि गृहकर सर्वे को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुनः सर्वे करवाया जा रहा है ताकि सभी त्रुटियों को सुधारा जा सके और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि टीम लगातार क्षेत्र में कार्य कर रही है।