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Chamba News: दस तक मांगें पूरी न होने पर परियोजना मुख्यालयों में होगा धरना-प्रदर्शन
Fri, 29 Dec 2023 10:15 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 29 Dec 2023 10:15 PM IST
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चंबा के करीयां में गेट मीटिंग के बाद रैली निकाल प्रदर्शन करते एनएचपीसी वर्कर युनियन के पदाधिका
चंबा। एनएचपीसी वर्कर्स यूनियन से संबद्ध सीटू ने राष्ट्रीय समन्वय समिति के आह्वान पर मांगों को लेकर चमेरा चरण द्वितीय और तृतीय परिसर में गेट मीटिंग की।
इसे जिलाध्यक्ष नरेंद्र और सचिव सुदेश ठाकुर ने संबोधित किया। यूनियन के अध्यक्ष अयूब और सचिव संजय कुमार मौजूद रहे। निर्णय लिया गया कि दस जनवरी तक मांगें पूरी नहीं की गई तो परियोजना मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अगर कंपनी प्रबंधन मजदूरों की मांग पर कोई कदम नहीं उठाया जाता है है तो 19 फरवरी 2024 को दिल्ली चलो का आह्वान किया जाएगा। यहां फरीदाबाद मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
कहा गया कि ठेकेदार मजदूरों को कर्मचारी मानने से इनकार कर उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं। परियोजना में श्रम कानूनों को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है। अर्जित, अकस्मात और मेडिकल अवकाश नहीं दिया जा रहा है। कई जगह छुट्टियों में काम करने पर ओवर टाइम और राष्ट्रीय अवकाश भी नहीं दिया जाता है। मांग की गई कि 30 अगस्त को कंपनी की ओर से बढ़ाया गया वेतन एरियर के साथ दिया जाए। यूनियन ने यह भी मांग की है कि सभी वर्करों को आवास और स्वास्थ्य सुविधा दी जाए। वर्करों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए स्थानीय नीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आउटसोर्स के जरिए मजदूरों को गुलाम बना रही है। केंद्र सरकार रोजगार का स्वरूप बदल रही है। इसका पूरा फायदा कंपनियों और ठेकेदारों को होगा। सरकारी उपक्रमों में निजी कंपनियों कॉरपोरेट को खुला निवेश का निमंत्रण दिया जा रहा है, जिससे सरकारी संस्थाएं बेची जा रही हैं। बताया कि सरकार की नीति और मांगों को लेकर 10 जनवरी को परियोजना मुख्यालयों पर एक दिन का धरना किया जाएगा। इस मौके पर फारुख, राशिद, विक्रम, सपना, राकेश, विपन, मनीष, कमल, जावेद आदि मौजूद रहे।
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इसे जिलाध्यक्ष नरेंद्र और सचिव सुदेश ठाकुर ने संबोधित किया। यूनियन के अध्यक्ष अयूब और सचिव संजय कुमार मौजूद रहे। निर्णय लिया गया कि दस जनवरी तक मांगें पूरी नहीं की गई तो परियोजना मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अगर कंपनी प्रबंधन मजदूरों की मांग पर कोई कदम नहीं उठाया जाता है है तो 19 फरवरी 2024 को दिल्ली चलो का आह्वान किया जाएगा। यहां फरीदाबाद मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
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कहा गया कि ठेकेदार मजदूरों को कर्मचारी मानने से इनकार कर उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं। परियोजना में श्रम कानूनों को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है। अर्जित, अकस्मात और मेडिकल अवकाश नहीं दिया जा रहा है। कई जगह छुट्टियों में काम करने पर ओवर टाइम और राष्ट्रीय अवकाश भी नहीं दिया जाता है। मांग की गई कि 30 अगस्त को कंपनी की ओर से बढ़ाया गया वेतन एरियर के साथ दिया जाए। यूनियन ने यह भी मांग की है कि सभी वर्करों को आवास और स्वास्थ्य सुविधा दी जाए। वर्करों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए स्थानीय नीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आउटसोर्स के जरिए मजदूरों को गुलाम बना रही है। केंद्र सरकार रोजगार का स्वरूप बदल रही है। इसका पूरा फायदा कंपनियों और ठेकेदारों को होगा। सरकारी उपक्रमों में निजी कंपनियों कॉरपोरेट को खुला निवेश का निमंत्रण दिया जा रहा है, जिससे सरकारी संस्थाएं बेची जा रही हैं। बताया कि सरकार की नीति और मांगों को लेकर 10 जनवरी को परियोजना मुख्यालयों पर एक दिन का धरना किया जाएगा। इस मौके पर फारुख, राशिद, विक्रम, सपना, राकेश, विपन, मनीष, कमल, जावेद आदि मौजूद रहे।
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