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Chamba News: बागवानों तक कैसे पहुंचेंगी योजनाएं... चुराह 10 में से एक भी अधिकारी नहीं
Sun, 22 Feb 2026 10:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 22 Feb 2026 10:25 PM IST
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चुराह (चंबा)। एक ओर प्रदेश सरकार बागवानों के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है, वहीं दूसरी ओर उपमंडल चुराह में इन योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने वाले अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। जानकारी के अनुसार उपमंडल के सभी 10 उद्यान प्रसार और विकास अधिकारियों के पद रिक्त हैं, जिससे बागवानों को तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं की समय पर जानकारी नहीं मिल पा रही है।
तीसा, नैला, जसौरगढ़, टिकरीगढ़, झज्जाकोठी, हरतवास, मधुवाड़ और बघेईगढ़ में उद्यान प्रसार अधिकारी के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। तीसा और नैला में उद्यान विकास अधिकारी के पद रिक्त हैं।
अधिकारियों की कमी के कारण पौध वितरण, सब्सिडी, कीटनाशक सहायता और नई तकनीकों से जुड़ी योजनाएं बागवानों तक समय पर नहीं पहुंच पा रहीं। पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्र होने के कारण चुराह में पहले ही संपर्क और संसाधनों की चुनौतियां हैं। ऐसे में प्रसार अधिकारियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
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बागवानों का कहना है कि उन्हें नई किस्मों, रोग नियंत्रण और अनुदान योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उनकी आय और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार रिक्त पदों के संबंध में सरकार को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र के कृषि एवं बागवानी विकास को गति देने के लिए इन पदों को शीघ्र भरा जाए।मामला विभाग के संज्ञान में है और समय-समय पर सरकार को अवगत करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इन पदों को भरा जाएगा, ताकि बागवानों को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। डॉ. प्रमोद शाह, उपनिदेशक, उद्यान विभाग
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तीसा, नैला, जसौरगढ़, टिकरीगढ़, झज्जाकोठी, हरतवास, मधुवाड़ और बघेईगढ़ में उद्यान प्रसार अधिकारी के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। तीसा और नैला में उद्यान विकास अधिकारी के पद रिक्त हैं।
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अधिकारियों की कमी के कारण पौध वितरण, सब्सिडी, कीटनाशक सहायता और नई तकनीकों से जुड़ी योजनाएं बागवानों तक समय पर नहीं पहुंच पा रहीं। पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्र होने के कारण चुराह में पहले ही संपर्क और संसाधनों की चुनौतियां हैं। ऐसे में प्रसार अधिकारियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
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बागवानों का कहना है कि उन्हें नई किस्मों, रोग नियंत्रण और अनुदान योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उनकी आय और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार रिक्त पदों के संबंध में सरकार को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र के कृषि एवं बागवानी विकास को गति देने के लिए इन पदों को शीघ्र भरा जाए।मामला विभाग के संज्ञान में है और समय-समय पर सरकार को अवगत करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इन पदों को भरा जाएगा, ताकि बागवानों को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। डॉ. प्रमोद शाह, उपनिदेशक, उद्यान विभाग