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Chamba News: लेंसवी में खुले छोड़े फिल्टर बेड में तैर रहा घास
Wed, 26 Jun 2024 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 26 Jun 2024 11:20 PM IST
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तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल की लेंसवी पंचायत में जलशक्ति विभाग के फिल्टर बेड में घास तैर रही है। हैरत की बात है कि यहीं से पानी की सप्लाई प्राथमिक पाठशाला और हाई स्कूल लेंसुई समेत भलूई, धनोली, टटोगा, ब्याला और कुंडी गांवों में दी जाती है।
फिल्टर बेड को खुला छोड़ दिया गया है। इसके आसपास भी बाड़बंदी नहीं की गई है। इससे हादसों का डर रहता है। इनके तैयार होने के बाद से लेकर अब तक जलशक्ति विभाग इन फिल्टर बेड को बंद करवाना भूल गया है। हालांकि, विभाग के अधिकारी अब स्वयं मौके का निरीक्षण करने की बात कह रहे हैं।
ग्रामीणों में कुभ राज, सनी कुमार, दविंदर कुमार और धर्मपाल ने कहा है लेंसवी-भराड़ा मार्ग के साथ ही फिल्टर बेड स्थित हैं। सात से आठ माह पूर्व इन फिल्टर बेड का निर्माण हुआ है। यहां से लोगों और स्कूली विद्यार्थियों की आवाजाही होती है। यदि समय रहते इन्हें बंद नहीं किया गया तो ये भविष्य के लिए खतरा बन सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि फिल्टर बेड के साथ चीड़ के पेड़ों का जंगल है। इनके पत्ते टैंक में गिरते रहते हैं। ग्रामीणों ने विभागीय अधिशासी अभियंता से प्राथमिकता के आधार पर फिल्टर बेड को ढकने की मांग की है।
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पंचयात प्रधान लेंसुई मंजू गुप्ता ने बताया कि फिल्टर बेड को ढकने को लेकर विभागीय अधिकारी से बात हुई है। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान करने की बात कही है।
उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता विनय डोगरा ने बताया कि वह खुद मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेंगे।--
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फिल्टर बेड को खुला छोड़ दिया गया है। इसके आसपास भी बाड़बंदी नहीं की गई है। इससे हादसों का डर रहता है। इनके तैयार होने के बाद से लेकर अब तक जलशक्ति विभाग इन फिल्टर बेड को बंद करवाना भूल गया है। हालांकि, विभाग के अधिकारी अब स्वयं मौके का निरीक्षण करने की बात कह रहे हैं।
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ग्रामीणों में कुभ राज, सनी कुमार, दविंदर कुमार और धर्मपाल ने कहा है लेंसवी-भराड़ा मार्ग के साथ ही फिल्टर बेड स्थित हैं। सात से आठ माह पूर्व इन फिल्टर बेड का निर्माण हुआ है। यहां से लोगों और स्कूली विद्यार्थियों की आवाजाही होती है। यदि समय रहते इन्हें बंद नहीं किया गया तो ये भविष्य के लिए खतरा बन सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि फिल्टर बेड के साथ चीड़ के पेड़ों का जंगल है। इनके पत्ते टैंक में गिरते रहते हैं। ग्रामीणों ने विभागीय अधिशासी अभियंता से प्राथमिकता के आधार पर फिल्टर बेड को ढकने की मांग की है।
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पंचयात प्रधान लेंसुई मंजू गुप्ता ने बताया कि फिल्टर बेड को ढकने को लेकर विभागीय अधिकारी से बात हुई है। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान करने की बात कही है।
उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता विनय डोगरा ने बताया कि वह खुद मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेंगे।