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आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट न जाए सरकार : डॉ. गुलेरिया
Wed, 17 Jun 2026 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:35 PM IST
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हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागत, बोले- युवाओं के हित में आया है यह निर्णय
कहा- नियमित और पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए सभी सरकारी भर्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने संबंधी फैसले का स्वागत किया है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया ने प्रदेश सरकार से इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट न जाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था में युवाओं को न पर्याप्त वेतन मिलता है, न नौकरी की सुरक्षा और न ही भविष्य की गारंटी। ऐसे में हाईकोर्ट का फैसला युवाओं के हित में है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि बिना पारदर्शी नियमों के होने वाली भर्तियां विवादों को जन्म देती हैं, इसलिए सभी सरकारी भर्तियां नियमित और पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए।
डॉ. गुलेरिया ने प्रदेश सरकार और विपक्षी दल भाजपा से भी युवाओं और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट रोडमैप जनता के सामने रखना चाहिए।
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महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं, कर्मचारियों और पेंशन विहीन कर्मचारियों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान केवल नियमित, पारदर्शी और नियमबद्ध भर्ती प्रक्रिया से ही संभव है।
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कहा- नियमित और पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए सभी सरकारी भर्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने संबंधी फैसले का स्वागत किया है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया ने प्रदेश सरकार से इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट न जाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था में युवाओं को न पर्याप्त वेतन मिलता है, न नौकरी की सुरक्षा और न ही भविष्य की गारंटी। ऐसे में हाईकोर्ट का फैसला युवाओं के हित में है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि बिना पारदर्शी नियमों के होने वाली भर्तियां विवादों को जन्म देती हैं, इसलिए सभी सरकारी भर्तियां नियमित और पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए।
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डॉ. गुलेरिया ने प्रदेश सरकार और विपक्षी दल भाजपा से भी युवाओं और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट रोडमैप जनता के सामने रखना चाहिए।
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महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं, कर्मचारियों और पेंशन विहीन कर्मचारियों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान केवल नियमित, पारदर्शी और नियमबद्ध भर्ती प्रक्रिया से ही संभव है।